09 June 2026

अब नए स्वरूप में मिलेगा अंकपत्र, दिखेगी बच्चों के सीखने की क्षमता

 

हमीरपुर। नए शैक्षिक सत्र 2026-27 से जिले के परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थियों का अंकपत्र पूरी तरह नए स्वरूप में जारी होगा। अब यह केवल परीक्षा के अंकों तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि इसमें विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता, व्यवहार, सहभागिता और समग्र विकास का मूल्यांकन भी शामिल किया जाएगा।





जुलाई में जिले के 967 परिषदीय विद्यालयों के 80 हजार से अधिक विद्यार्थियों को यह नया समग्र अंकपत्र पहली बार वितरित किया जाएगा। नए अंकपत्र में बच्चों की शैक्षिक प्रगति को ग्रेड और स्टार प्रणाली के माध्यम से दिखाया जाएगा। साथ ही अभिभावकों और विद्यार्थियों का फीडबैक भी अंकपत्र में शामिल होगा, जिससे यह केवल परीक्षा परिणाम का दस्तावेज न रहकर बच्चे की संपूर्ण शैक्षिक यात्रा का रिकॉर्ड बन सके।

 


बीएसए मुकेश खरवार ने बताया कि केवल अंकों के आधार पर किसी विद्यार्थी की क्षमता का सही आंकलन नहीं किया जा सकता। कई छात्र पढ़ाई के अलावा रचनात्मक गतिविधियों, व्यवहार और अन्य क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करते हैं। नई प्रणाली इन सभी पहलुओं को महत्व देगी। अंकपत्र में क्यूआर कोड अंकित होगा। इसे मोबाइल से स्कैन कर छात्र अपनी शैक्षिक प्रगति और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां ऑनलाइन देख सकेंगे। इससे अंकपत्र डिजिटल रूप से भी सुरक्षित रहेगा।

 



ग्रेड और स्टार से होगी क्षमता की पहचान


नई व्यवस्था में छात्रों की सीखने की क्षमता को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। स्काई (तीन स्टार) श्रेणी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी शामिल होंगे। माउंटेन (दो स्टार) में वे विद्यार्थी होंगे जिनकी सीखने की प्रक्रिया मजबूत है और वे लगातार प्रगति कर रहे हैं। स्ट्रीम (एक स्टार) श्रेणी में वे विद्यार्थी होंगे जिन्हें आगे बढ़ने के लिए अतिरिक्त मार्गदर्शन और अभ्यास की आवश्यकता होगी।



अंकों के आधार पर मिलेगा ग्रेड


अंकपत्र में सीधे अंक नहीं दिखाए जाएंगे लेकिन प्राप्त अंकों के आधार पर ग्रेड निर्धारित होंगे। इसमें प्रथम सत्र, अर्द्धवार्षिक, द्वितीय सत्र और वार्षिक परीक्षा के ग्रेड भी दर्ज होंगे, जिससे पूरे शैक्षिक वर्ष में विद्यार्थी की प्रगति का समग्र मूल्यांकन संभव होगा।



इस तरह मिलेगा ग्रेड


- 91 से 100 प्रतिशत अंक - ए-1




- 81 से 90 प्रतिशत - ए-2




- 71 से 80 प्रतिशत - बी-1




- 61 से 70 प्रतिशत - बी-2




- 51 से 60 प्रतिशत - सी-1




- 41 से 50 प्रतिशत - सी-2




- 33 से 40 प्रतिशत - डी-1




- 32 प्रतिशत या उससे कम - डी-2 ग्रेड