, लखनऊ : शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को अनिवार्य किए जाने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा से मुलाकात कर उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत कराया।
बैठक में टीईटी प्रकरण के अलावा एक अप्रैल 2005 से पहले विज्ञापित पदों पर नियुक्त शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना का लाभदेने, अंतरजनपदीय तबादले कराने और ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान जनगणना कार्य करने वाले शिक्षकों को उपार्जित अवकाश देने जैसे कई लंबित मुद्दे उठाए गए। शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में टीईटी प्रभावित शिक्षकों
का पक्ष मजबूती से रखा है। उनका कहना था कि वर्तमान में घोषित टीईटी परीक्षाएं पूरी होने के बाद प्रभावित शिक्षकों के लिए विभागीय टीईटी परीक्षा आयोजित कराने पर भी विचार किया जा सकता है। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संघ के प्रदेश अध्यक्ष विनय तिवारी और अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संजय मिश्र ने किया।
प्रतिनिधियों के अनुसार अपर मुख्य सचिव ने जनगणना कार्य में लगे शिक्षकों को नियमानुसार उपार्जित अवकाश देने के संबंध में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। गौरतलब है कि टीईटी की अनिवार्यता से प्रभावित शिक्षकों के प्रतिनिधियों ने शनिवार को इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मिले थे।

