प्रयागराज, प्रदेश सरकार ने 12 लाख शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और रसोइयों आदि को कैशलेस चिकित्सा की सुविधा दी। लेकिन करीब 1300 शिक्षक वंचित रह गए। समाज कल्याण विभाग की ओर से अनुदानित एवं बेसिक शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त लगभग 413 विद्यालयों में अध्यापनरत तकरीबन 1300 अध्यापक अब कैशलेस चिकित्सा सुविधा के लिए जनप्रतिनिधियों से गुहार लगा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने पांच सितम्बर 2025 को शिक्षक दिवस पर शिक्षकों के लिए कैशलेस चिकित्सा योजना की घोषणा की तो उस समय समाज कल्याण विभाग के विद्यालय भी जुड़े थे। हालांकि अधिकारियों की हठधर्मिता के कारण ये अध्यापक योजना से वंचित हो गए। शासन से शिक्षकों की सूची मांगी गई तो अफसरों ने कहा कि इस प्रकार कोई विभागीय नीति ही नहीं है।
सांसद प्रवीण पटेल ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
समाज कल्याण विभाग के शिक्षकों ने सांसद प्रवीण पटेल से मुलाकात कर अपनी बात रखी। इस पर सांसद ने 16 जुलाई को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इन शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा और सत्र लाभ की सुविधा प्रदान करने का अनुरोध किया है। शिक्षकों ने विधायक गुरु प्रसाद मौर्य समेत अन्य जनप्रतिनिधियों को भी ज्ञापन सौंपकर योजना का लाभ दिलवाने की मांग कर रहे हैं।
समाज कल्याण विभाग के उच्च अधिकारियों की मनमानी से विभागीय अध्यापकों का मानसिक व आर्थिक शोषण किया जा रहा है। पेंशन पहले से ही नहीं मिल रही है और अब कैशलेस योजना व सत्र लाभ से भी वंचित कर दिया गया है। बायोमीट्रिक हाजिरी की व्यवस्था विभाग खुद नहीं कर पा रहा है और शिक्षकों का वेतन अप्रैल से रोक दिया गया है।
- छोटे लाल कुशवाहा, जिला अध्यक्ष अशासकीय सहायता प्राप्त शिक्षक एसोसिएशन
