प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार देर रात जारी एक वीडियो संदेश में पेपर लीक मामले पर सरकार के कड़े कदमों का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के साथ सख्त सजा के प्रावधानों वाले बिल का मसौदा शुक्रवार को कैबिनेट बैठक में लाया जाएगा।
पीएम मोदी ने गुरुवार रात 11 बजकर 52 मिनट पर वीडियो शेयर कर कहा कि मैं जानता हूं कि पेपर लीक मामूली विषय नहीं है, बल्कि यह लाखों छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य से जुड़ा गंभीर अपराध है। उन्होंने बताया कि संबंधित विभागों ने उन्हें देर रात फास्ट ट्रैक कोर्ट और पेपर लीक के मामलों में अधिक सख्त सजा के प्रावधान वाला मसौदा उन्हें सौंप दिया है। इस प्रस्ताव पर शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा होगी। सरकार विधेयक को संसद में पेश कर जल्द से जल्द पारित कराने का प्रयास करेगी। मोदी ने कहा कि सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी यह थी कि छात्रों का एक साल बर्बाद न हो। इसी उद्देश्य से कम से कम समय में लगभग 22 लाख छात्रों की दोबारा परीक्षा कराई गई और 19 जुलाई को उसके परिणाम घोषित किए गए। देशभर में उत्तीर्ण हो गए विद्यार्थियों की खुशियों की खबर भी आ रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हम संतोष मानने वालों में से नहीं हैं। इसलिए मैंने आज फास्ट ट्रैक कोर्ट के लिए विभागों को निर्देश दिए थे। सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में है। साथ ही संवाद भी जारी रखें हुए है। माना जा रहा है कि छात्रों के आंदोलन के मद्देनजर कुछ और कड़े कदम उठाये जा सकते हैं।
सोनम वांगचुक ने अनशन समाप्त किया
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने गुरुवार देर रात अनशन समाप्त करने की घोषणा की। नीट पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सोनम पिछले 26 दिनों से भूख-हड़ताल कर रहे थे। गुरुवार शाम को केंद्रीय मंत्री मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने सोमन वांगचुक से मुलाकात की थी। वांगचुक ने एक्स पर लिखा कि सरकार ने आश्वासन दिया है कि छात्रों पर से केस भी वापस लिए जाएंगे।
गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में गुरुवार रात को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनशन समाप्त करवाया l

