‘सरप्लस शिक्षकों की सूची पर 27 तक आपत्ति दाखिल करें’
विधि संवाददाता, जागरण, प्रयागराज : इलाहाबाद हाई कोर्ट ने प्राथमिक एवं जूनियर हाई स्कूलों में शिक्षकों के समायोजन और तैनाती के संबंध में सरप्लस शिक्षकों की सूची पर आपत्ति दाखिल करने का अवसर दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सुमिन दयाल सिंह और न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने सौरभ कुमार सिंह व अन्य की विशेष अपीलों पर सुनवाई करते हुए दिया। अगली सुनवाई 5 अगस्त को होगी।
अधिवक्ता महेश शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार ने 31,685 शिक्षकों को सरप्लस के रूप में चिन्हित किया है। इन शिक्षकों को उन स्कूलों में तैनात करने की योजना है जहां कोई शिक्षक नहीं है या केवल एक शिक्षक है। अपीलार्थियों ने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत छात्र-शिक्षक अनुपात का पालन नहीं हुआ है और कई वरिष्ठ शिक्षकों को सरप्लस घोषित किए जाने का खतरा है।
कोर्ट ने शिक्षकों की चिंताओं के निपटारे के लिए विस्तृत समय-सारणी और दिशानिर्देश जारी किए हैं। वेबसाइट पर जारी सूचियों में त्रुटियों के लिए शिक्षक 27 जुलाई तक संबंधित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। आपत्तियों के लिए अलग रजिस्टर बनाया जाएगा और रसीद दी जाएगी।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जिन संस्थानों में पांच वर्ष से अधिक समय से शिक्षक तैनात हैं, वहां वरिष्ठता के आधार पर सरप्लस तय किया जाएगा। आपत्तियों की रिपोर्ट 10 अगस्त से पोर्टल पर उपलब्ध कराने की उम्मीद जताई गई है।

