22 July 2026

69000 शिक्षक भर्ती : सुप्रीम कोर्ट ने नहीं स्वीकारा यूपी सरकार की सूची

 

नई दिल्ली : उत्तर प्रदेश की 69,000 सहायक शिक्षक भर्ती में आरक्षण से जुड़ी गड़बड़ियों के मामले में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की पीठ ने यूपी सरकार की ओर से पेश की गई उस सूची पर सवाल उठाए, जिसमें करीब 8270 अभ्यर्थियों के आरक्षण से जुड़ी त्रुटियों का जिक्र है। सुप्रीम कोर्ट ने सूची को अभी अंतिम मानने से इनकार कर दिया।

अदालत ने सभी पक्षों से कहा कि वे 2020 से अब तक इस मामले में क्या-क्या हुआ, इसका पूरा घटनाक्रम लिखकर सोमवार तक अदालत में जमा करें। अगली सुनवाई 28 जुलाई को होगी।

सुनवाई के दौरान यूपी सरकार ने संशोधित कटऑफ का भी उल्लेख किया।

सरकार ने 8270 अभ्यर्थियों की सूची दी, आरक्षण संबंधी गड़बड़ियों का किया उल्लेख

सरकार के अनुसार, पूरी चयन सूची को फिर से तैयार करने पर अनारक्षित वर्ग की कटऑफ 69.42, ओबीसी की 65.92, एससी की 60.14 और एसटी की 56.09 बनती है।

आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता दुष्यंत दवे, मनीष तिवारी, अरविंद सिंह और पुष्कर शर्मा ने सरकार के हलफनामे और सूची पर कहा कि सरकार की सूची पारदर्शी नहीं है और जब तक पूरी मूल चयन सूची सार्वजनिक नहीं की जाती, तब तक यह तय नहीं किया जा सकता कि गड़बड़ियां कितनी सीटों पर हुई हैं।