22 July 2026

निर्देश: टैबलेट की डिजिटल ऑडिट से खुलेगी शिक्षकों की वास्तिवकता


अलीगढ़,  उत्तर प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों को डिजिटल लर्निंग और ऑनलाइन हाजिरी के लिए दिए गए टैबलेट अब विभागीय रडार पर हैं। शासन को लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि कई शिक्षक इस सरकारी डिवाइस का उपयोग बच्चों को पढ़ाने के बजाय निजी मनोरंजन, सोशल मीडिया और अन्य गैर-शैक्षणिक गतिविधियों में कर रहे हैं। इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए विभागीय अधिकारियों के स्तर से अब टैबलेट की गहन पड़ताल और डिजिटल ऑडिट कराने की तैयारी की गई है।

  • विभाग खंगालेगा डेटा, सिर्फ बच्चों को पढ़ाने को मिली थी डिवाइस।

  • जनपद में 4172 टैबलेट और सिम शिक्षकों को किए गए हैं वितरित।

शासन के निर्देशों के अनुसार विद्यालयों के अधिकारी अब एमडीएम और डिजिटल हाजिरी के साथ पढ़ाई का ऑडिट करेंगे। इसके साथ ही शिक्षा विभाग के तकनीकी विशेषज्ञों की एक टीम टैबलेट के यूसेज डेटा की जांच करेगी। इससे यह साफ पता चल जाएगा कि शिक्षक ने पूरे दिन में टैबलेट को कितनी देर ऑन रखा, किस शैक्षणिक ऐप (जैसे दीक्षा या निपुण ऐप) का उपयोग बच्चों को पढ़ाने के लिए किया और कितना समय अन्य गतिविधियों में बिताया।

जनपद में 4172 शिक्षकों को सिम कार्ड और इंटरनेट डेटा के साथ टैबलेट इस उद्देश्य से वितरित किए गए थे, ताकि वे डिजिटल से जुड़कर स्मार्ट क्लास चला सकें और बच्चों को विषयवस्तु कंटेंट दिखा सकें, जिससे बच्चों को पाठ समझने में आसानी हो तथा रियल-टाइम पर मिले डेटा से छात्र उपस्थिति दर्ज कर सकें।

जीजीनी, शिक्षक और तकनीकी फीडबैक के दौरान यह बात सामने आई है कि कुछ शिक्षक स्कूल समय के दौरान टैबलेट पर यूट्यूब, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और अन्य निजी वेबसाइट्स स्क्रॉल करते हैं। विभाग इन सभी अनधिकृत सर्च हिस्ट्री की सूची तैयार करवा रहा है।

गड़बड़ी पर मिलेगी प्रतिकूल प्रविष्टि

महानिदेशक स्कूल शिक्षा और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के स्तर से खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए जा रहे हैं कि वे स्कूलों के औचक निरीक्षण के दौरान शिक्षकों के टैबलेट को भौतिक रूप से चेक करें। डिवाइस की लॉग फाइल्स और ऐप स्क्रीन टाइम की समय-समय पर मॉनिटरिंग की जाएगी।

यदि जांच में किसी शिक्षक के टैबलेट का उपयोग तय गाइडलाइंस के बाहर पाया जाता है, या डिवाइस के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ (जैसे विभागीय ऐप को अनइंस्टॉल करना या अनधिकृत ऐप डाउनलोड करना) मिलती है, तो संबंधित शिक्षक के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करते हुए सेवा पुस्तिका में प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज की जाएगी।