, प्रयागराज : उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने वर्ष 2022 की प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) के 3539 पदों के सापेक्ष लिखित परीक्षा में करीब 7400 जिन अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया है, उसमें कई ऐसे हैं, जिन्हें समान अंक मिले हैं। चूंकि इस भर्ती में पद 3539 हैं, इसलिए लिखित परीक्षा में सफल होने के बावजूद 3800 से ज्यादा अभ्यर्थी अभिलेख परीक्षण के बाद अंतिम चयन सूची से बाहर हो जाएंगे। एक समान अंक होने पर आयोग नियमानुसार अभ्यर्थियों की उम्र के आधार पर अंतिम चयन करेगा। उम्र भी समान होने पर उनके एकेडमिक अंक देखे जाएंगे।
|प्रतियोगी छात्र प्रतिनिधिमंडल के शीतला प्रसाद ओझा ने कहा है कि संस्कृत विषय में सामान्य श्रेणी में 122 प्रश्न हल करने वालों का चयन नहीं हुआ है। यही स्थिति कई और विषयों में है। अधिक मेरिट को लेकर प्रश्न किया है कि विषयवार कटऑफ अंक क्यों नहीं जारी किया गया। डेढ़ गुना अभ्यर्थियों को क्यों बुलाया गया है। उन्होंने बिना फाइनल उत्तर कुंजी जारी किए परिणाम घोषित किए जाने को अभ्यर्थियों के साथ अन्याय बताया है। मेरिट लिस्ट जारी नहीं होने से शार्टलिस्ट किए जाने के बावजूद प्रतियोगी अपने चयन को लेकर असमंजस में हैं। कहा है कि टीजीटी में चयन का आधार केवल लिखित परीक्षा थी, साक्षात्कार नहीं था। इस कारण अंतिम उत्तर कुंजी जारी करते हुए परिणाम घोषित करना चाहिए था। |
शिक्षा सेवा चयन आयोग ने 30 जून को जब इस भर्ती की लिखित परीक्षा का परिणाम जारी किया तो उसमें अपना अनुक्रमांक देखकर कई अभ्यर्थियों ने अपने चयनित होने की सूचना इंटरनेट मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्मों पर अपलोड कर दी। हालांकि बाद में उन्हें स्पष्ट हुआ कि अभी अंतिम चयन के लिए शार्टलिस्ट किया गया है। शिक्षा सेवा चयन आयोग के उप सचिव संजय सिंह के अनुसार कई विषयों में अंतिम कटऑफ अंक पर कई-कई अभ्यर्थी शार्टलिस्ट हुए हैं। कुछ विषयों में यह संख्या 200 तक है। ऐसे में शार्टलिस्ट किए गए सभी डेढ़ गुना अभ्यर्थियों को आयोग कार्यालय में अभिलेख परीक्षण के लिए नौ जुलाई से 17 जुलाई के मध्य विषयवार बुलाया गया है। इसमें जिनके अभिलेख गलत मिलेंगे, उन्हें बाहर कर दिया जाएगा। इसके अलावा समान अंक होने की स्थिति में उनकी उम्र के आधार पर चयन का निर्णय लिया जाएगा। इसमें सबसे अधिक आयु के अभ्यर्थी का चयन किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर उनके एकेडमिक अंक देखे जाएंगे।

