02 July 2026

6919 स्कूल-कॉलेजों में स्मार्ट क्लास में होगी पढ़ाई

 

लखनऊ। प्रदेश के बेसिक व माध्यमिक स्कूलों में स्मार्ट संसाधनों के माध्यम से पठन-पाठन को नए सत्र 2026-27 में रफ्तार मिलेगी। शिक्षा मंत्रालय की प्रोजेक्ट एडवाइजरी बोर्ड (पीएबी) ने प्रदेश के स्कूल-कॉलेजों में इसके लिए अत्याधुनिक संसाधनों के विकास और संचालन के लिए लगभग 1000 करोड़ से अधिक का बजट स्वीकृत किया है।

पीएबी में प्रदेश के 5388 बेसिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लास को स्वीकृति दी है। इसके तहत जिन विद्यालयों में 50 से अधिक छात्रों का नामांकन है, वहां पर स्मार्ट क्लास की सुविधा की जाएगी। इस पर 129 करोड़ का बजट दिया गया है। इसी तरह प्रदेश के 18812 बेसिक विद्यालयों में आईसीटी लैब 581 करोड़ से स्थापित की जाएगी।

इसके तहत 50 से 100 नामांकन वाले 13266 और 100 से 250 नामांकन वाले 5520 विद्यालय और 250 से 700 नामांकन वाले 26 स्कूल शामिल हैं। इसके साथ ही पहले से स्थापित स्मार्ट क्लास व आईसीटी लैब में इंटरनेट आदि सुविधाओं के लिए भी बजट स्वीकृत किया गया है। दूसरी तरफ प्रदेश के 1531 माध्यमिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लास के लिए 36.74 करोड़ और 837 विद्यालयों में आईसीटी लैब के लिए 51.29 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया है।

 

सभी राजकीय माध्यमिक विद्यालय में स्मार्ट क्लास

पीएबी ने पहले से 1522 माध्यमिक विद्यालयों में स्थापित आईसीटी लैब व 1236 विद्यालयों के स्मार्ट क्लास रूम के लिए भी बजट दिया है। प्रदेश के सभी राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लास की स्थापना हो जाएगी। जबकि एडेड में भी इसका विस्तार होगा।

  • आईसीटी लैब के फायदे: आईसीटी लैब से स्कूलों में डिजिटल साक्षरता और कौशल विकास किया जा सकेगा। छात्रों को कंप्यूटर के बुनियादी प्रयोग, कोडिंग, सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन और इंटरनेट का प्रयोग करना सिखाया जाएगा।

  • वहीं स्मार्ट क्लास और ई-लर्निंग सामग्री से वीडियो और सिमुलेशन के द्वारा कठिन विषयों को रोचक तरीके से समझने में आसानी होगी। शिक्षक व छात्र इंटरनेट का प्रयोग करके अपने प्रोजेक्ट के लिए जानकारी जुटा सकते हैं। अपनी रिपोर्ट तैयार कर सकते हैं। शिक्षक पढ़ाने में डिजिटल टूल का प्रयोग कर सकेंगे।

खास यह कि इस योजना का लाभ प्रदेश के राजकीय के साथ-साथ अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों को भी मिलेगा। शिक्षक ऑनलाइन लेक्चर व फोटो आदि के माध्यम से छात्रों को आसानी से चीजों की जानकारी दे सकेंगे। छात्र खुद नई-नई जानकारी व प्रोजेक्ट इसके माध्यम से कर सकेंगे।