मैनपुरी। विकास खंड के उच्च प्राथमिक विद्यालय परौंख पर तैनात एक शिक्षिका आठ साल से स्कूल नहीं आ रही है। आठ साल पहले तत्कालीन बीएसए ने उसे प्रथम सेवा समाप्ति का नोटिस भी जारी किया था लेकिन इसके आठ साल बाद भी शिक्षिका की सेवा समाप्ति नहीं हो सकी है। शिक्षिका लगातार विद्यालय से अनुपस्थित चल रही है।
29 हजार शिक्षक भर्ती के तहत उच्च प्राथमिक विद्यालय परौंख पर सोनिया की सहायक अध्यापक के रूप में तैनाती की गई थी। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार शिक्षिका वर्ष 2016 से ही स्कूल नहीं आ रही है। 2018 तक उसने कई बार चिकित्सकीय और अवैतनिक अवकाश लिए लेकिन किसी भी अवकाश का कोई अभिलेख प्रस्तुत नहीं किया। 30 अक्तूबर 2018 में तत्कालीन बीएसए विजय प्रताप सिंह ने उच्च प्राथमिक विद्यालय परौंख का निरीक्षण किया। इस दौरान सोनिया उपस्थित नहीं मिली। सोनिया का चिकित्सकीय अवकाश दर्ज मिला लेकिन चिकित्सकीय अवकाश के संबंध में डाॅक्टर की सलाह का कोई पत्र नहीं मिला। इस पर बीएसए ने नोटिस जारी किया। नोटिस का जवाब न मिलने पर तत्कालीन बीएसए विजय प्रताप सिंह ने 20 नवंबर 2018 को सोनिया की सेवा समाप्ति का प्रथम नोटिस जारी किया लेकिन आठ साल बाद भी सोनिया की सेवा समाप्ति नहीं की जा सकी। आज भी सोनिया का नाम सहायक अध्यापिका के रूप में रजिस्टर पर दर्ज किया जा रहा है। उसके हस्ताक्षर के आगे अनुपस्थित लिखा जा रहा है।
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2016 में भी तत्कालीन बीएसए को शिक्षिका मिली थी अनुपस्थित
31 अगस्त 2016 को तत्कालीन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रामकरन यादव ने उच्च प्राथमिक विद्यालय परौंख का निरीक्षण किया था। इस दौरान भी शिक्षिका अनुपस्थित मिली। उन्होंने अपनी निरीक्षण टिप्पणी में अध्यापक उपस्थिति पंजिका में अंकित किया है कि चिकित्सीय अवकाश पर जाने के लिए डाॅक्टर का कोई परामर्श पत्र नहीं है। निर्देश दिए थे कि चिकित्सकीय उपचार की छाया प्रति उपलब्ध कराई जाए जिसके बाद न तो शिक्षिका विद्यालय पहुंची और न ही उसके अवकाश के लिए चिकित्सकीय परीक्षण की छाया प्रति।
सरप्लस शिक्षक दिखाने में भी कर दी विभाग ने चूक
शासन की ओर से सरप्लस शिक्षकों की सूची मांगी गई है। बेसिक शिक्षा के वर्तमान अधिकारियों ने उच्च प्राथमिक विद्यालय परौंख की सूची देने में चूक कर दी। आठ साल से अनुपस्थित चल रही विज्ञान शिक्षिका सोनिया को पदस्थ दिखाते हुए विद्यालय के अन्य शिक्षकों को सरप्लस दिखाते हुए स्थानांतरण की सूची में दर्ज कर दिया। ऐसे में यदि ये शिक्षक स्थानांतरित कर दिए जाते हैं तो उच्च प्राथमिक विद्यालय परौंख विज्ञान शिक्षक विहीन हो जाएगा।
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शिक्षिका के संबंध में बीईओ से जानकारी मांगी गई है। जानकारी प्राप्त होते ही संबंधित शिक्षिका को सेवा से बाहर किया जाएगा। -सूर्य प्रताप सिंह, बीएसए

