04 August 2026

आजादी के बाद पहली बार 17 अगस्त से होने जा रही जातिगत जनगणना, पूछी जाएगी माता-पिता की जानकारी; जानें पूरा शेड्यूल

 

सोशल मीडिया पर आरक्षण हटाने के लिए चल रही मुहिम के बीच भारत में आठवीं जनगणना जाति के आधार पर करने का निर्णय लिया गया है। नोट‍िफ‍िकेशन के मुताब‍िक, घर-घर जाकर जनसंख्या की गिनती शुरू होने से पहले 17 से 31 अगस्त तक खुद जानकारी भरने (सेल्फ एन्यूमरेशन) का विकल्प होगा। शुरुआत बर्फबारी वाले क्षेत्रों से होगी जबकि अन्य राज्यों में जनसंख्या गणना का चरण अगले साल शुरू होने की संभावना है।

शुरुआत पहाड़ों से, अन्य राज्यों में अगले साल से


आजादी के बाद पहली बार भारत की जनगणना के मुख्य चरण में जाति संबंधी आंकड़े एकत्र किए जाएंगे। भारत के रजिस्ट्रार जनरल ने जनगणना 2027 के दूसरे चरण यानी जनसंख्या गणना के लिए लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फबारी वाले क्षेत्रों के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया है।

इन तारीखों को कर लीजिए नोट


इन इलाकों में घर-घर जाकर जनसंख्या की गिनती 1 से 30 सितंबर 2026 के बीच की जाएगी। इसके बाद 1 से 5 अक्टूबर तक संशोधन चरण (रिविजनल राउंड) चलेगा। ऑनलाइन सेल्फ एन्यूमरेशन का विकल्प 17 से 31 अगस्त तक उपलब्ध रहेगा। इन क्षेत्रों के लिए रेफरेंस तारीख 1 अक्टूबर 2026 की आधी रात तय की गई है। देश के बाकी हिस्सों में जनसंख्या गणना का चरण अगले साल शुरू होने की संभावना है।

क्या-क्या मांगी जाएगी जानकारी?


अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जाति संबंधी जानकारी के लिए कोई जाति प्रमाणपत्र या अन्य दस्तावेज दिखाने की जरूरत नहीं होगी। गणना करने वाले कर्मचारी सिर्फ उत्तरदाताओं द्वारा बताई गई जाति दर्ज करेंगे। इसके अलावा माता-पिता की जन्म-तारीख और जन्म-स्थान की जानकारी भी ली जा सकती है।



दो चरणों में होगी जनगणना


पहला चरण 'हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस' (एचएलओ) कहलाता है और दूसरा चरण 'जनसंख्या जनगणना' है। इस चरण में गणनाकर्ता 33 सवाल पूछते हैं, जिनमें आवास की स्थिति, मालिकाना हक, बुनियादी सुविधाएं और परिवार के मुखिया की जानकारी शामिल है।

जनगणना में कितना होगा खर्च?


जाति गणना को शामिल करने का फैसला पिछले साल 30 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ऑन पॉलिटिकल अफेयर्स ने लिया था। कोविड-19 महामारी के कारण 2021 से टली हुई यह जनगणना 11,718 करोड़ रुपये के बजट के साथ देश का अब तक का सबसे बड़ा ऐसा अभियान होगी।