04 August 2026

TET मुद्दा संसद में गरमाया: मनोज झा के सवाल पर जयंत चौधरी के जवाब से शिक्षक नाराज, RTE संशोधन और पुराने शिक्षकों पर TET की अनिवार्यता पर उठे सवाल

 

#TET मुद्दे पर संसद में राज्यसभा सांसद प्रो0 #मनोजझा के तर्कपूर्ण सवाल पर शिक्षा राज्यमंत्री #जयंतचौधरी का तर्कहीन जवाब। RTE एक्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देकर पल्ला झाड़ा और कहा सरकार का इसमें कोई रोल नहीं संसद ने बिल पास किया था। जयंत चौधरी जी आपने झूठ बोला है कि सरकार जिम्मेदार नहीं है जबकि 2017 में आपकी ही सरकार ने RTE अधिनियम में संशोधन 

किया था क्यों..???



   संसद में बिल पेश कर पास किसने कराया था...???


         केन्द्र सरकार छात्र विरोधी तो हैं ही आप शिक्षक और शिक्षा विरोधी भी हैं।


          पिछले 10 महीने से लिखते लिखते बोलते बोलते थक गया कि RTE अधिनियम लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर जबरन TET थोपना असंवैधानिक, अव्यावहारिक और सेवा संरक्षण और सुरक्षा के खिलाफ़ है और देश भर के 25 लाख शिक्षक और उनके परिवार इसका पुरजोर विरोध अंतिम सांस तक करते रहेंगे।


                           और हां, एक सबसे कड़वी बात जो सभी शिक्षक संगठनों के शीर्ष नेतृत्व से आप पहले भी एकजुट नहीं थे और आज भी एकजुट नहीं हैं यही कारण है कि अब तक मुद्दा हल नहीं हो पाया अलग अलग डेट में दिल्ली में प्रदर्शन या रैली या जिम्मेदार लोगों को प्रेम पत्र देना सबसे बड़ा कारण है मुद्दा हल न हो पाने का आप सब 10 महीने में एकजुट होकर संसद नहीं घेर पाए। धर्मेन्द्र प्रधान को बुके देते रहे उधर छात्रों ने 1 दिन में लाठी, डंडा, वाटर कैनन, आंसू गैस के गोले, पैलेट गन झेलते हुए केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफ़ा ले लिया। 


        याद रखिए चाहे जबरन TET थोपा जाना हो या OPS बहाली बिना लाठी डंडे, पैलेट गन, आंसू गैस के गोले, पानी की बौछारें खाए देशभर के करोड़ों शिक्षकों और कर्मचारियों को कुछ नहीं मिलने वाला देश भर का शिक्षक कर्मचारी तैयार बैठा था बड़े, निर्णायक और आरपार के संघर्ष के लिए लेकिन आप सब पीछे हट गए आप सभी चूक गए..... और देशभर के लाखों करोड़ों शिक्षकों और कर्मचारियों को अकेला छोड़ दिया।


          क्या आपने जिन भी जिम्मेदार लोगों को ज्ञापन मिलकर सौंपा था दोबारा डटकर खड़े होकर सवाल पूछ पाए...?


             आप सब अपनी अपनी निजी महत्वाकांक्षा में बंटे हुए हैं शिक्षकहित से बढ़कर आपकी निजी महत्वाकांक्षा है।


                        सैय्यद दानिश इमरान ✍️✍️


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