यूपी में 26 राजकीय बेसिक विद्यालय बंद, 42 संचालित स्कूलों में सिर्फ 39 शिक्षक
प्रयागराज। प्रदेश में राजकीय बेसिक विद्यालयों की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है। राज्य में स्थापित कुल 68 राजकीय बेसिक विद्यालयों में 26 विद्यालय बंद हो चुके हैं। वहीं संचालित 42 विद्यालयों में विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए महज 39 शिक्षक उपलब्ध हैं।
जानकारी के अनुसार, प्रदेश में तीन बालक वर्ग, 41 बालिका वर्ग, 23 सहशिक्षा विद्यालय तथा एक कंपोजिट विद्यालय समेत कुल 68 राजकीय विद्यालय स्थापित किए गए थे। पिछले वर्ष इन विद्यालयों की स्थिति का आकलन कराया गया, जिसमें कई विद्यालयों के संचालित न होने की स्थिति सामने आई।
44 विद्यालय शिक्षक विहीन
आकलन में सामने आया कि कुल 44 विद्यालयों में शिक्षक नहीं हैं, जबकि 24 विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती है। संचालित विद्यालयों में 243 छात्राओं और 1017 बालकों का पंजीकरण बताया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, जिन विद्यालयों में विद्यार्थी पंजीकृत हैं, वहां आसपास के विद्यालयों के शिक्षकों को संबद्ध कर किसी तरह पढ़ाई संचालित कराई जा रही है।
कई स्कूलों में छात्र हैं, लेकिन शिक्षक नहीं
मऊ जिले के राजकीय बालिका सीनियर बेसिक विद्यालय में 32 छात्राएं पंजीकृत हैं, लेकिन वहां कोई शिक्षक नियुक्त नहीं है। इसी तरह बांदा के राजकीय कन्या सीनियर बेसिक विद्यालय में 13 बालक और आठ बालिकाएं पंजीकृत हैं, लेकिन शिक्षक की तैनाती नहीं है।
आगरा के राजकीय कन्या जूनियर हाईस्कूल में तीन बालक और तीन बालिकाओं को पढ़ाने के लिए एक शिक्षक नियुक्त है। मेरठ के राजकीय कन्या जूनियर हाईस्कूल रोहटा में पांच बालिकाओं के लिए भी एक शिक्षक तैनात है।
शिक्षकों की कमी के कारण इन विद्यालयों में पढ़ाई प्रभावित होने के साथ-साथ इनके अस्तित्व पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर सोमवार को होने वाली विभागीय समीक्षा बैठक में राजकीय बेसिक विद्यालयों की बदहाली और उनकी व्यवस्था सुधारने पर चर्चा होने की उम्मीद है।

