10 August 2026

निशाने पर 3707 म्यूल खाते, 2222 मोबाइल नंबर भी संदिग्ध चिन्हित


लखनऊ: पुलिस के सामने म्यूल बैंक खातों का नेटवर्क अब बड़ी चुनौती है। साइबर ठग दूसरों के नाम पर खुले बैंक खातों को कमीशन का लालच देकर या गुमराह कर रकम मंगाने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। शहर में बीते कुछ महीनों में 3707 म्यूल खातों की पहचान हुई है। इनमें 3364 खाते फ्रीज कराए जा चुके हैं, जबकि 343 खाते अभी शेष हैं।

लखनऊ के पूर्वी जोन में शामिल गोमतीनगर, गंडा, बख्शी का तालाब से जुड़े क्षेत्र में 1425 म्यूल खातों की पहचान हुई है।

एडीसीपी अपराध किरन यादव ने बताया कि साइबर अपराधी सीधे अपने खाते में ठगी की रकम लेने से बचते हैं। इसके लिए पहले से तैयार बैंक खातों का इस्तेमाल किया जाता है। पीड़ित से रकम ट्रांसफर कराने के बाद उसे दूसरे खातों में भेजा जाता है। कई मामलों में रकम को अलग-अलग खातों में बांटकर आगे ट्रांसफर किया जाता है। इससे रकम के वास्तविक लाभार्थी तक पहुंचना पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण हो जाता है।


यही खाते साइबर ठगी के बाद रकम की कड़ी जोड़ने में पुलिस के लिए अहम सुराग भी बनते हैं। सिर्फ बैंक खाते ही नहीं, साइबर ठगों के मोबाइल कनेक्शन भी पुलिस के रडार पर हैं। एनसीआरपी पोर्टल पर एक जनवरी से 21 जून 2026 तक 2222 संदिग्ध मोबाइल नंबर चिन्हित किए गए हैं।

ठगी की रकम और पहचान छिपाने का जरिया बन रहे बैंक खाते व मोबाइल कनेक्शन

  • 3364 खाते फ्रीज, 1710 नंबर किए गए ब्लॉक, अन्य के खिलाफ डिटेल जुटाई जा रही है।
  • 3707 म्यूल खातों की पहचान हुई, जिनमें 343 खाते अभी शेष हैं।
  • संदिग्ध मोबाइल नंबरों में 1710 नंबर ब्लॉक किए जा चुके हैं।
  • दक्षिणी जोन में सबसे अधिक 722 संदिग्ध नंबर सामने आए।
  • इसी अवधि में 678 संदिग्ध आईएमईआई नंबर भी चिन्हित हुए, जिनमें 599 ब्लॉक किए जा चुके हैं।

ऐसे बचें

  • अनजान व्यक्ति के कहने पर ओटीपी, पिन, सीवीवी या नेट बैंकिंग पासवर्ड साझा न करें।
  • किसी के बताए लिंक से बैंकिंग ऐप या रिमोट एक्सेस ऐप डाउनलोड न करें।
  • बैंक, पुलिस या किसी सरकारी एजेंसी के नाम पर फोन कर धमकाने पर खाते में रकम ट्रांसफर न करें।
  • कमीशन के लालच में किसी दूसरे व्यक्ति को अपना बैंक खाता इस्तेमाल न करने दें।
  • खाते में अनजान स्रोत से रकम आने पर उसे आगे ट्रांसफर करने के बजाय बैंक को सूचना दें।
  • संदिग्ध मोबाइल नंबर, लिंक या खाते की जानकारी सुरक्षित रखें और तत्काल पुलिस/साइबर शिकायत तंत्र को दें।