लखनऊ, । ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के राजकीय माध्यमिक स्कूलों में प्रधानाचार्य, शिक्षकों की तैनाती में भेदभाव का आरोप लगाया गया है। राजकीय शिक्षक संघ, उप्र ने आरोप लगाया कि ग्रामीण क्षेत्रों में कई विद्यालय प्रधानाचार्य विहीन हैं और शिक्षक भी कम हैं। शहरी क्षेत्रों में कम छात्र होने पर भी क्षमता से ज्यादा शिक्षक तैनात हैं।
राजकीय शिक्षक संघ, उत्तर प्रदेश के प्रांतीय संरक्षक रामेश्वर पांडेय ने कहा कि राजकीय इंटर कॉलेज बार, ललितपुर में 850 विद्यार्थी हैं। यहां न तो प्रधानाचार्य हैं और न ही एक भी प्रवक्ता है। केवल दो सहायक अध्यापकों से विद्यालय चल रहा है। वहीं राजकीय इंटर कॉलेज कलिंजर, बांदा में 860 विद्यार्थी हैं। यहां भी प्रधानाचार्य व प्रवक्ता नहीं हैं। तीन वर्षों से यह विद्यालय केवल तीन सहायक अध्यापकों के भरोसे चल रहा है। राजकीय इंटर कॉलेज पैलानी, बांदा में 1200 विद्यार्थी हैं और यहां किसी भी विषय का एक भी प्रवक्ता नहीं है।
बांदा के ही बेबरू सहित कई स्कूलों की यही हालत है।
दूसरी ओर शहरी क्षेत्रों में कम छात्र होने के बावजूद भी क्षमता से अधिक स्टाफ है। राजधानी के राजकीय इंटर कॉलेज, निशातगंज में 500 विद्यार्थी हैं। यहां पर एक प्रधानाचार्य, दो उप प्रधानाचार्य, प्रवक्ता व सहायक अध्यापक भी अधिक हैं। ऐसे ही राजधानी के राजकीय इंटर कॉलेज हुसैनाबाद व राजकीय इंटर कॉलेज जुबिली में भी एक प्रधानाचार्य, दो उप प्रधानाचार्य, प्रवक्ता व सहायक अध्यापक भी क्षमता से अधिक हैं। उन्होंने माध्यमिक शिक्षा निदेशक से मांग की है कि पदास्थापन व तैनाती नए सिरे से जरूरत के अनुसार की जाए।

