29 August 2026

86 हजार असफल शिक्षकों को विशेष टीईटी का इंतजार, शिक्षकों की पदोन्नति की अपेक्षा

 यूपी में परिषदीय स्कूलों में पढ़ा रहे 1.86 लाख शिक्षकों में करीब एक लाख ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पास कर ली है। वर्ष 2010 के पूर्व भर्ती हुए इन शिक्षकों में अब 86 हजार शिक्षकों को विशेष टीईटी का इंतजार है। वहीं हजार शिक्षामित्रों ने भी विशेष टीईटी में शामिल करने की मांग उठा दी है।



विशेष टीईटी की मांग


परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में वर्ष 2010 के पूर्व भर्ती हुए 1.86 लाख शिक्षकों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर टीईटी पास करना अनिवार्य हो गया है। फिलहाल बीते दिनों टीईटी के आए परिणाम में प्राथमिक स्तर पर 93 हजार शिक्षक और उच्च प्राथमिक स्तर पर 1.13 लाख शिक्षक टीईटी पास हुए। इसमें से वर्ष 2010 के पूर्व वाले शिक्षकों की संख्या लगभग एक लाख है। बाकी प्राथमिक स्तर के वह शिक्षक जो उच्च प्राथमिक स्तर पर प्रमोशन चाहते हैं उन्होंने परीक्षा में सफलता हासिल की है।


शिक्षकों की पदोन्नति की अपेक्षा

इसमें 68500 व 69000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी अधिक हैं, क्योंकि पांच साल बाद प्राथमिक स्कूल के सहायक अध्यापक को हेड मास्टर या फिर उच्च प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक के पद पर पदोन्नति मिलने का नियम है। हलांकि पिछले काफी वर्षों से प्रोन्नति नहीं हुई है, लेकिन शिक्षकों ने पदोन्नति की आस में उच्च प्राथमिक स्तर की टीईटी पास कर ली है। उप्र बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव कहते हैं कि पिछले 26 वर्षों से स्कूलों में सेवाएं दे रहे शिक्षामित्रों को भी विशेष टीईटी में शामिल किया जाए। कुल 1.48 लाख शिक्षामित्रों में से 70 हजार टीईटी पास नहीं हैं।