निजी सांस्कृतिक कार्यक्रम में खंड शिक्षा अधिकारी जोन-3 पर गंभीर आरोप, शिक्षक संगठनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की
लखनऊ। रविवार के साप्ताहिक अवकाश के दिन शिक्षकों को कथित तौर पर दबाव बनाकर एक निजी सांस्कृतिक कार्यक्रम में बुलाने और उनसे स्टॉल लगवाने का मामला सामने आया है। मामले को लेकर शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों में नाराजगी बताई जा रही है।
समाचार रिपोर्ट के अनुसार, 27 सितंबर रविवार को खंड शिक्षा अधिकारी जोन-3, नगर क्षेत्र लखनऊ प्रेमेंद्र कुमार शुक्ला एक निजी सांस्कृतिक कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। आरोप है कि जोन-3 के शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को कार्यक्रम में बुलाया गया और उनसे स्टॉल लगवाए गए।
रविवार को कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के निर्देश
रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि शिक्षकों को मौखिक आदेश देकर रविवार के अवकाश के दिन कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित होने के निर्देश दिए गए। इतना ही नहीं, शिक्षकों से कार्यक्रम स्थल पर स्टॉल भी लगवाए गए।
शिक्षक एवं शिक्षक संघों का कहना है कि रविवार शिक्षकों के लिए निर्धारित साप्ताहिक अवकाश है। उनका आरोप है कि किसी सरकारी आदेश (Government Order) के बिना शिक्षकों को किसी निजी अथवा गैर-विभागीय कार्यक्रम में ड्यूटी के लिए बुलाना प्रशासनिक नियमों के विपरीत है।
शिक्षक नेताओं ने जताया विरोध
शिक्षक नेताओं का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा शिक्षकों को निजी कार्यक्रमों में बुलाकर स्टॉल लगवाने और भीड़ जुटाने का माध्यम बनाया जाना शिक्षकों के सम्मान और गरिमा के खिलाफ है।
शिक्षकों एवं जागरूक नागरिकों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही दोष पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई गई है।
भविष्य में रोक लगाने की मांग
रिपोर्ट के अनुसार, शिक्षक संगठनों ने मांग की है कि भविष्य में इस तरह के व्यक्तिगत अथवा गैर-विभागीय कार्यक्रमों में शिक्षकों की ड्यूटी न लगाई जाए। कार्यक्रम में शिक्षकों, छात्रों और अनुदेशकों को बुलाने तथा स्टॉल लगवाने जैसी गतिविधियों पर भी रोक लगाने की मांग की गई है।
वहीं, रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि मामले की जानकारी लेने के लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी लखनऊ विपिन कुमार से संपर्क किया गया, लेकिन उन्हें इस प्रकार के किसी कार्यक्रम में शिक्षकों को बुलाए जाने की जानकारी नहीं होने की बात सामने आई।
