30 September 2026

अपने ही स्कूल में उगी सब्जियां मध्यान्ह भोजन में खाएंगे छात्र



प्रयागराज: सब्जियां हो या फल, इनमें केमिकल की मिलावट का अब कोई भरोसा नहीं है। विपरीत असर सीधा सेहत पर पड़ता है। सब्जियां घर में ही उगाई जाएं तो उनकी पौष्टिकता होगी, इसकी शिक्षा नई पीढ़ी को उनके स्कूली जीवन से ही दी जा रही है। प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के लिए बनाए गए किचन गार्डन (न्यूट्रिशन गार्डन) इसका सर्वोत्तम माध्यम बन रहे हैं। शासन की मंशा है कि स्कूलों में जो मध्यान्ह भोजन बनता है उनमें सब्जियां, वहीं के किचन गार्डन में उगी हुई इस्तेमाल की जाएं। इससे विद्यार्थियों में सब्जियों की पैदावार के प्रति रुचि तो बढ़ेगी ही, वह बड़े चाव से मध्यान्ह भोजन भी करेंगे।

अधिकांश परिषदीय स्कूलों में पहले से विकसित हैं किचन गार्डन, मौसमी सब्जियों की नर्सरी रोपेंगे बच्चे।

परिषदीय स्कूलों में किचन गार्डन की व्यवस्था की गई है। स्कूली जीवन से ही बच्चों को सब्जियों का महत्व, इनकी विशेषता और पौष्टिकता की जानकारी दी जा रही है। यह जरूरी भी है। आधुनिक युग में बच्चे हरी सब्जियों से दूरी बना रहे हैं, स्कूलों के किचन गार्डन बच्चों को सब्जियों के प्रति आकर्षित करने का उचित माध्यम है।
— अनिल कुमार, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी



उच्च प्राथमिक विद्यालय मोहिद्दीनपुर चाका में छात्राएं बड़ी उत्साहित रहीं। मध्यान्ह भोजन बनने से पहले गार्डन से बोड़ा की फलियां तोड़ीं। डलिया में इन्हें एकत्र किया और रसोई में ले जाकर अच्छी तरह धुलने के बाद सब्जी बनाने के लिए दिया। छात्रा रजनी, सुनीता और कु. मीना समेत अन्य छात्राओं ने क्यारी को संवारा भी। कहा कि सब्जी की पैदावार में शिक्षकों का भी सहयोग मिलता है। छात्राओं ने मध्यान्ह भोजन में अपने द्वारा उगाई हुई सब्जी खाई तो उनकी खुशियां देखते ही बनीं। दरअसल सभी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में किचन गार्डन को बनाए रखने के लिए प्रदेश सरकार ने बजट आवंटित किया है। छात्रों के विभिन्न समूह तैयार कर उन्हें चिन्हित क्यारी, पौधे, गमले आदि की जिम्मेदारी दी जाएगी। उद्देश्य है कि बच्चे स्वयं पौधे लगाएंगे या सब्जियां उगाएंगे तो पौधों के प्रति अपनात्व का उनमें बोध होगा। साग सब्जी, फल की विशेषता और पौष्टिकता की जानकारी छात्र-छात्राओं को दी जाएगी। शासन की योजना है कि किचन गार्डन में मौसम के अनुसार सब्जियों के पौधे रोपे जाएंगे। लौकी, तोरई, कद्दू, टमाटर, बैंगन, भिंडी, मटर, पालक, मेथी, चौलाई, धनिया बोई जाएगी।