इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक शिक्षण संस्थान का अवैध रूप से वीडियो बनाकर उसकी स्थिति को गलत तरीके से प्रस्तुत करने के आरोप में दर्ज प्राथमिकी के मामले में सीजेपी(कॉकरोच जनता पार्टी) के कार्यकर्ता की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने राज्य सरकार समेत सभी विपक्षियों को जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए आठ सप्ताह का समय दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सलिल कुमार राय और न्यायमूर्ति पदम नारायण मिश्र की खंडपीठ ने गौरव भारती उर्फ गौरव कुमार की ओर से दाखिल याचिका पर दिया है।
मामले में फतेहगढ़(फर्रुखाबाद) के नवाबगंज थाने में 19 अगस्त 2026 को भारतीय न्याय संहिता की धारा 352 और 353 तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोप है कि याची ने संस्थान का अवैध रूप से वीडियो बनाया और उसकी स्थिति को गलत तरीके से प्रस्तुत किया। याची के अधिवक्ताओं ने प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि हाईकोर्ट की खंडपीठ के 8 सितंबर 2026 को एक अन्य याचिका में पारित आदेश के मद्देनजर याची के खिलाफ इन आरोपों में अभियोजन नहीं चलाया जा सकता।
आठ सप्ताह में जवाबी हलफनामा दाखिल करना होगा
कोर्ट ने मामले को विचारणीय मानते हुए विपक्षी संख्या चार को नोटिस जारी किया है। सभी विपक्षियों को आठ सप्ताह में जवाबी हलफनामा दाखिल करना होगा। इसके बाद याचिकाकर्ता को प्रत्युत्तर हलफनामा दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया गया है।कोर्ट ने अंतरिम आदेश में कहा कि अगली सुनवाई तक याची को 19 अगस्त 2026 की प्राथमिकी के आधार पर गिरफ्तार नहीं किया जाएगा।

