शिक्षामित्रों की जनगणना ड्यूटी लगाने का विरोध, तैनाती स्थल से दूर ड्यूटी नहीं लगाने की मांग
बरेली: उत्तर प्रदेश के दूर-दराज के ब्लॉकों में तैनात शिक्षामित्रों की ड्यूटी नगर निगम क्षेत्र में जनगणना कार्य के लिए लगाए जाने के प्रस्ताव का विरोध शुरू हो गया है। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ ने इस संबंध में मंगलवार को जिलाधिकारी और बेसिक शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन देकर शिक्षामित्रों की समस्याओं से अवगत कराया।
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60 से 70 किलोमीटर दूर ड्यूटी लगाने पर जताई आपत्ति
संघ का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात शिक्षामित्रों को उनके मूल तैनाती स्थल से 60 से 70 किलोमीटर दूर जनगणना ड्यूटी पर भेजना अव्यावहारिक है। प्रतिदिन इतनी लंबी दूरी तय करके ड्यूटी करने से शिक्षामित्रों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा और उन्हें मानसिक परेशानियों का भी सामना करना पड़ेगा।
संघ के जिलाध्यक्ष कपिल यादव ने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षामित्रों को उनके तैनाती स्थल से काफी दूर ड्यूटी पर भेजना उचित नहीं है। इससे उनके नियमित कार्य और व्यक्तिगत जिम्मेदारियों पर भी असर पड़ सकता है।
मूल विद्यालयों में पठन-पाठन प्रभावित होने की आशंका
संघ ने यह भी कहा कि शिक्षामित्रों की जनगणना ड्यूटी लगाए जाने से उनके मूल विद्यालयों में पठन-पाठन का कार्य प्रभावित हो सकता है। इसलिए ड्यूटी निर्धारित करते समय शिक्षामित्रों की तैनाती, दूरी और विद्यालयों की शैक्षिक व्यवस्था को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
नगर निगम क्षेत्र में रहने वालों को मिले प्राथमिकता
जिला महामंत्री कुमुद केशव पांडेय ने मांग की कि शहर में रहने वाले शिक्षकों और शिक्षामित्रों से आवास का प्रमाणपत्र लेकर उनकी ड्यूटी नगर निगम क्षेत्र में ही लगाई जाए। साथ ही उन्हें उनके मूल विद्यालयों से कार्यमुक्त करने की व्यवस्था भी की जाए, ताकि दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात शिक्षामित्रों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
संघ ने प्रशासन से मांग की है कि जनगणना ड्यूटी के निर्धारण में व्यावहारिक परिस्थितियों का ध्यान रखा जाए और शिक्षामित्रों की समस्याओं का समाधान किया जाए।
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