21 October 2026

UP Teacher Leave Rules 2026: शिक्षकों की सभी छुट्टियों के नियम, मेडिकल लीव, CCL, मातृत्व अवकाश व अन्य छुट्टियों की पूरी जानकारी

 

UP Basic Education Leave Rules 2026: परिषदीय शिक्षकों के लिए आकस्मिक, मेडिकल, मातृत्व और चाइल्ड केयर लीव की पूरी जानकारी


उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए विभिन्न प्रकार के अवकाश की व्यवस्था है। इनमें आकस्मिक अवकाश (Casual Leave), उपार्जित अवकाश (Earned Leave), चिकित्सा अवकाश (Medical Leave), मातृत्व अवकाश (Maternity Leave), गर्भपात अवकाश (Abortion Leave) और चाइल्ड केयर लीव (Child Care Leave) प्रमुख हैं।

शिक्षकों के लिए यह जानना जरूरी है कि किस प्रकार के अवकाश में कितने दिन की सुविधा मिलती है, अवकाश स्वीकृत करने का अधिकार किस अधिकारी के पास है और इसके लिए किन नियमों का पालन करना होता है।

इस लेख में उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर विभिन्न अवकाशों का विवरण दिया गया है। अवकाश की पात्रता, अवधि और स्वीकृति संबंधी प्रावधानों की पुष्टि संबंधित शासनादेश एवं लागू सेवा नियमों से अवश्य करें।

1. आकस्मिक अवकाश (Casual Leave)

आकस्मिक अवकाश का उपयोग शिक्षक एवं कर्मचारी व्यक्तिगत अथवा आवश्यक कार्यों के लिए कर सकते हैं।

  • एक शैक्षिक सत्र में स्थायी कर्मचारी को 14 आकस्मिक अवकाश मिलने का उल्लेख किया गया है।

  • एक साथ चार दिन तक के आकस्मिक अवकाश की स्वीकृति प्रधानाध्यापक द्वारा किए जाने की जानकारी दी गई है।

  • चार दिन से अधिक के अवकाश के लिए खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) की स्वीकृति का उल्लेख है।

  • विशेष परिस्थितियों में अधिक दिनों तक एक साथ अवकाश लेने की अनुमति संबंधित नियमों एवं सक्षम अधिकारी की स्वीकृति पर निर्भर करेगी।

  • आकस्मिक अवकाश के आवेदन को स्वीकृत अथवा अस्वीकृत करने के लिए तीन कार्य दिवस की समय-सीमा का भी उल्लेख किया गया है।

ध्यान दें: आकस्मिक अवकाश की वास्तविक सीमा, लगातार अवकाश लेने की शर्तें और स्वीकृति प्रक्रिया की पुष्टि लागू विभागीय निर्देशों से करें।

2. उपार्जित अवकाश (Earned Leave)

उपार्जित अवकाश को सामान्यतः Earned Leave कहा जाता है। उपलब्ध जानकारी में प्रति सेवा वर्ष एक उपार्जित अवकाश मिलने का उल्लेख किया गया है।

  • इस अवकाश का उपयोग आवश्यकता के अनुसार किया जा सकता है।

  • अवकाश की स्वीकृति जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) द्वारा किए जाने की जानकारी दी गई है।

  • इसकी पात्रता, संचयन और उपयोग की शर्तें संबंधित सेवा नियमों के अनुसार निर्धारित होंगी।

3. गर्भपात अवकाश (Abortion Leave)

महिला कर्मचारियों के लिए गर्भपात से संबंधित अवकाश का प्रावधान लागू सेवा नियमों के अंतर्गत हो सकता है।

  • उपलब्ध विवरण में 42 दिनों के अवकाश का उल्लेख है।

  • अवकाश की पात्रता और इसकी अवधि संबंधित परिस्थितियों तथा लागू नियमों पर निर्भर करती है।

  • यह दावा कि पूरे सेवाकाल में इस अवकाश को कितनी भी बार लिया जा सकता है, आधिकारिक नियमों से सत्यापित किया जाना चाहिए।

4. चाइल्ड केयर लीव (Child Care Leave)

चाइल्ड केयर लीव यानी CCL का उद्देश्य पात्र महिला कर्मचारियों को बच्चों की देखभाल के लिए अवकाश की सुविधा देना है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार:

  • दो बच्चों के लिए पूरे सेवाकाल में अधिकतम 730 दिनों के अवकाश का उल्लेख किया गया है।

  • इस अवकाश की स्वीकृति BSA द्वारा किए जाने की जानकारी दी गई है।

  • एक बार में अधिकतम 30 दिन तथा एक शैक्षिक सत्र में अधिकतम तीन बार अवकाश लेने का दावा किया गया है।

महत्वपूर्ण: CCL की पात्रता, आवेदन की प्रक्रिया, न्यूनतम या अधिकतम अवधि और स्वीकृति की शर्तें संबंधित कर्मचारी पर लागू नियमों एवं शासनादेश से ही निर्धारित होंगी।

5. मातृत्व अवकाश (Maternity Leave)

मातृत्व अवकाश महिला कर्मचारियों को गर्भावस्था एवं प्रसव से संबंधित परिस्थितियों में दिया जाता है।

उपलब्ध विवरण के अनुसार:

  • प्रति पात्र बच्चे के लिए 180 दिनों के मातृत्व अवकाश का उल्लेख है।

  • दो बच्चों के लिए कुल 360 दिनों की अवधि बताई गई है।

  • दो से अधिक जीवित बच्चों की स्थिति में पात्रता संबंधी प्रतिबंध का उल्लेख है।

  • दिव्यांग अथवा असाध्य रोग से प्रभावित बच्चे के मामले में अतिरिक्त अवसर मिलने का दावा किया गया है।

इन सभी शर्तों की पुष्टि लागू मातृत्व अवकाश नियमों और संबंधित विभागीय आदेशों से की जानी चाहिए।

6. चिकित्सा अवकाश (Medical Leave)

चिकित्सा संबंधी कारणों से अवकाश की आवश्यकता होने पर शिक्षक एवं कर्मचारी निर्धारित नियमों के अंतर्गत चिकित्सा अवकाश के लिए आवेदन कर सकते हैं।

उपलब्ध जानकारी में निम्नलिखित प्रावधानों का उल्लेख है:

  • महिला एवं पुरुष दोनों कर्मचारियों के लिए पूरे सेवाकाल में 365 दिनों की चिकित्सा अवकाश सीमा बताई गई है।

  • 42 दिनों तक के अवकाश की स्वीकृति BEO तथा इससे अधिक अवधि के अवकाश की स्वीकृति BSA द्वारा किए जाने की जानकारी दी गई है।

  • निर्धारित 365 दिनों की अवधि समाप्त होने के बाद विशेष परिस्थितियों में चिकित्सा परिषद की संस्तुति पर अतिरिक्त अर्द्ध-वेतन अवकाश दिए जाने का उल्लेख है।

  • अतिरिक्त अवकाश की कुल अवधि छह माह तक बताई गई है।

चिकित्सा अवकाश के मामले में मेडिकल सर्टिफिकेट, चिकित्सकीय जांच, सक्षम अधिकारी की स्वीकृति तथा वेतन संबंधी नियमों का पालन आवश्यक हो सकता है। इसलिए आवेदन करने से पहले संबंधित विभागीय आदेश की जांच जरूर करें।

7. किन अवकाशों की सुविधा अनुमन्य नहीं है?

उपलब्ध विवरण के अनुसार, परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत कार्मिकों के लिए निम्नलिखित अवकाश अनुमन्य नहीं होने का उल्लेख किया गया है:

  1. निर्बन्धित अवकाश

  2. प्रतिकर अवकाश

  3. अध्ययन अवकाश

हालांकि, इन अवकाशों की पात्रता के संबंध में वर्तमान में लागू नियमों और विभागीय आदेशों से पुष्टि करना आवश्यक है।

शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण सुझाव

अवकाश के लिए आवेदन करने से पहले इन बातों का ध्यान रखें:

  • आवेदन संबंधित अधिकारी को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्रस्तुत करें।

  • मेडिकल लीव या अन्य विशेष अवकाश के लिए आवश्यक प्रमाणपत्र संलग्न करें।

  • अवकाश स्वीकृत होने से पहले अनुपस्थित रहने के संबंध में लागू विभागीय निर्देशों का पालन करें।

  • लंबे समय के अवकाश के लिए BEO कार्यालय अथवा BSA कार्यालय से पात्रता और प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त करें।

  • किसी भी वायरल पोस्ट के आधार पर अवकाश की अवधि या स्वीकृति संबंधी अधिकारों को अंतिम न मानें।


परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए विभिन्न प्रकार के अवकाश के नियमों की जानकारी होना आवश्यक है। आकस्मिक अवकाश से लेकर चिकित्सा, मातृत्व और चाइल्ड केयर लीव तक, प्रत्येक अवकाश की पात्रता और स्वीकृति प्रक्रिया अलग हो सकती है।

इसलिए किसी भी अवकाश का आवेदन करने से पहले संबंधित शासनादेश, सेवा नियम और विभागीय निर्देश अवश्य देखें, ताकि बाद में वेतन, उपस्थिति या सेवा संबंधी किसी समस्या का सामना न करना पड़े।