लखनऊ, यूपी में मतदाता सूची में गड़बड़ियां उजागर होने के बाद चुनाव आयोग लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई कर रहा है। पीलीभीत में मतदाता सूची में गड़बड़ी पाए जाने पर अब वर्तमान डीएम आलोक कुमार व तत्कालीन डीएम ज्ञानेन्द्र सिंह से स्पष्टीकरण मांगा गया है। नोटिस का जवाब मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
सीईओ नवदीप रिणवा की ओर से शुक्रवार को पीलीभीत के विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र -127 सदर की मतदाता सूची में गड़बड़ियां सामने आने के बाद जांच कराई गई। जिसमें एक मतदाता के इपिक नंबर पर किसी अन्य मतदाता का विवरण प्रदर्शित पाया गया। 31 मई से 29 अगस्त 2026 के बीच मध्य कुल 13779 त्रुटिपूर्ण रूप से फार्मों को जमा किया गया। जिसमें से 10470 त्रुटिपूर्ण फार्मों को स्वीकृत भी कर दिया गया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पीलीभीत के जिला निर्वाचन अधिकारी यानी डीएम एवं पूर्ववर्ती जिला निर्वाचन अधिकारी से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया है। फिलहाल अब वर्तमान डीएम आलोक कुमार व पूर्व डीएम ज्ञानेन्द्र सिंह से स्पष्टीकरण मांगा गया है। ज्ञानेन्द्र सिंह इस समय बलिया के डीएम के पद पर कार्यरत हैं। मालूम हो कि इस मामले में दो एसडीएम मयंक गोस्वामी व हेमंत चौधरी के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। वहीं पांच एईआरओ व कंप्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराकर कार्रवाई की जा रही है।
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फर्रुखाबाद डीएम के खिलाफ ज्ञापन: सपा ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन देकर फर्रुखाबाद के जिलाधिकारी को हटाने की मांग की है। भाजपा विधायक डा. सुरभि के दबाव में डीएम कायमगंज में सपा समर्थक यादव बाहुल्य 40 मतदेय स्थलों को ठाकुर बाहुल्य इलाको में ले जाने की साजिश की जा रही है।
सपा के वोट काटने के आरोप पर सीईओ ने मांगे साक्ष्य
लखनऊ। सपा के प्रमुख राष्ट्रीय महासचिव राम गोपाल यादव के बीजेपी नेताओं पर एसडीएम से मिलीभगत कर वोट काटने के आरोप पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने साक्ष्य मांगे हैं। जिससे वह इन आरोपों की जांच कराकर ऐसे निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर सकें।

