UpdateMarts•Com
Follow Channel

31 October 2026

UP Teacher Verification 2026: यूपी के 3.5 लाख शिक्षकों की जांच शुरू, STF को सौंपी जाएगी रिपोर्ट, देना होगा शपथ पत्र

 

UP Teacher Verification: यूपी के साढ़े तीन लाख शिक्षकों की जांच शुरू, नियुक्ति पत्र से लेकर शैक्षिक दस्तावेजों तक होगी पड़ताल, फर्जी शिक्षकों पर कसेगा शिकंजा

बड़ी खबर: UP Basic Education

उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की नियुक्ति और शैक्षिक योग्यता से जुड़े दस्तावेजों की जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रदेश के परिषदीय एवं सहायता प्राप्त (एडेड) विद्यालयों में कार्यरत करीब साढ़े तीन लाख शिक्षकों की अर्हता का सत्यापन कराया जाएगा। इस जांच के तहत शिक्षकों के नियुक्ति पत्र से लेकर हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक, बीएड, बीटीसी, डीएलएड और TET/CTET से संबंधित प्रमाणपत्रों की पड़ताल की जाएगी।


इस कार्रवाई का उद्देश्य फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी पाने वाले और अनियमित तरीके से नियुक्त हुए शिक्षकों की पहचान करना है। जांच में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित रिपोर्ट एसटीएफ (STF) को उपलब्ध कराई जाएगी। यह पूरी प्रक्रिया हाईकोर्ट के आदेश के क्रम में कराई जा रही है।

बेसिक शिक्षा निदेशक ने जारी किए निर्देश

समाचार पत्र में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, बेसिक शिक्षा निदेशक अनिल भूषण चतुर्वेदी की ओर से सभी जिलों के मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशकों (एडी) और बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) को शिक्षकों की शैक्षिक अर्हता और नियुक्ति संबंधी अभिलेखों की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसमें प्रत्येक शिक्षक के नियुक्ति पत्र और नौकरी के लिए निर्धारित आवश्यक शैक्षिक योग्यताओं से जुड़े प्रमाणपत्रों का मिलान किया जाएगा। जांच के दौरान यह भी देखा जाएगा कि शिक्षक ने नियुक्ति के समय निर्धारित योग्यता पूरी की थी या नहीं।

किन-किन दस्तावेजों की होगी जांच?

जांच के दायरे में शिक्षकों के निम्नलिखित शैक्षिक और नियुक्ति संबंधी दस्तावेज शामिल होंगे:

  • हाईस्कूल की अंकतालिका एवं प्रमाणपत्र

  • इंटरमीडिएट की अंकतालिका एवं प्रमाणपत्र

  • स्नातक (Graduation) की डिग्री

  • बीएड (B.Ed.) प्रमाणपत्र

  • बीटीसी (BTC) / डीएलएड (D.El.Ed.) प्रमाणपत्र

  • बीएलएड (B.El.Ed.) प्रमाणपत्र

  • शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) प्रमाणपत्र

  • केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) प्रमाणपत्र

  • नियुक्ति पत्र एवं नियुक्ति से संबंधित अन्य अभिलेख

सभी शिक्षकों को अपने शैक्षिक दस्तावेज और नियुक्ति पत्र संबंधित बीएसए कार्यालय में उपलब्ध कराने होंगे, ताकि उनका सत्यापन कराया जा सके।

शिक्षकों को देना होगा शपथ पत्र, बताना होगा रिश्तेदारों का विवरण

इस जांच में एक महत्वपूर्ण बिंदु शिक्षकों से शपथ पत्र (Affidavit) लिया जाना भी है। शिक्षकों को अपने उन निकट संबंधियों का विवरण देना होगा, जो बेसिक शिक्षा विभाग में बेसिक शिक्षा अधिकारी या उससे उच्च पदों पर कार्यरत हैं अथवा सेवानिवृत्त हो चुके हैं।

यदि किसी शिक्षक का कोई निकट संबंधी शिक्षा विभाग में अधिकारी के पद पर कार्यरत नहीं है, तो उसे भी शपथ पत्र के माध्यम से इसकी जानकारी देनी होगी।

इस प्रक्रिया का उद्देश्य नियुक्तियों में संभावित अनियमितताओं और रिश्तेदारी से जुड़े मामलों की जानकारी जुटाना है।

प्रधानाध्यापक और बीएसए की होगी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया विद्यालय स्तर से शुरू होगी। सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापक एवं प्रभारी प्रधानाध्यापक अपने विद्यालय में कार्यरत शिक्षकों के नियुक्ति और शैक्षिक अभिलेख एकत्र कर उपलब्ध कराएंगे।

इसके बाद संबंधित अधिकारियों के माध्यम से अभिलेखों की जांच कराई जाएगी। प्रत्येक जिले के बीएसए को अपने जिले की जांच रिपोर्ट तैयार कर एसटीएफ को उपलब्ध करानी होगी।

फर्जी नियुक्ति मिलने पर होगी कार्रवाई

जांच के दौरान यदि किसी शिक्षक के दस्तावेज फर्जी पाए जाते हैं अथवा नियुक्ति प्रक्रिया में गंभीर अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित मामले की रिपोर्ट एसटीएफ को सौंपी जाएगी। इसके आधार पर आगे की जांच और नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

इस जांच से प्रदेश के परिषदीय और एडेड विद्यालयों में कार्यरत लगभग 3.5 लाख शिक्षक प्रभावित होंगे। अब सभी की नजरें इस बात पर रहेंगी कि दस्तावेजों के सत्यापन में कितने मामले संदिग्ध पाए जाते हैं।

 





Guruji Portal: Hindi Notes| Free Exam Notes |GS Notes| Quiz| Books and lots more