UP Teacher Verification: परिषदीय शिक्षकों की डिग्री से लेकर नियुक्ति तक होगी जांच, हाईकोर्ट के आदेश पर एक सप्ताह में जमा करने होंगे प्रमाणपत्र
उत्तर प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। प्रदेश के सभी परिषदीय शिक्षकों की शैक्षिक योग्यता से लेकर उनकी नियुक्ति प्रक्रिया तक की विस्तृत जांच कराई जाएगी। इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में बेसिक शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के शैक्षिक और नियुक्ति संबंधी अभिलेखों का सत्यापन कराने की तैयारी शुरू कर दी है।
दैनिक जागरण में 31 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, शिक्षकों को अपने नियुक्ति पत्र से लेकर हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक, बीएड, बीटीसी और TET/CTET तक के प्रमाणपत्रों की स्पष्ट प्रतियां संबंधित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) कार्यालय में जमा करनी होंगी। इसके लिए निर्देश जारी होने के एक सप्ताह के भीतर दस्तावेज उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।
नियुक्ति पत्र से लेकर डिग्री तक होगी जांच
बेसिक शिक्षा निदेशक अनिल भूषण चतुर्वेदी ने सभी मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशकों और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को शिक्षकों के अभिलेखों की जांच के निर्देश दिए हैं।
जांच के अंतर्गत प्रत्येक शिक्षक की नियुक्ति से संबंधित दस्तावेजों और शैक्षिक योग्यताओं का मिलान किया जाएगा। इसमें यह भी देखा जाएगा कि नियुक्ति के समय शिक्षक के पास निर्धारित न्यूनतम शैक्षिक योग्यता थी या नहीं।
जांच के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों की प्रतियां मांगी गई हैं:
नियुक्ति पत्र एवं नियुक्ति संबंधी अभिलेख
हाईस्कूल की अंकतालिका एवं प्रमाणपत्र
इंटरमीडिएट की अंकतालिका एवं प्रमाणपत्र
स्नातक की डिग्री एवं अंकपत्र
बीएड प्रमाणपत्र
बीटीसी / डीएलएड प्रमाणपत्र
TET / CTET प्रमाणपत्र
नियुक्ति के समय निर्धारित अन्य आवश्यक शैक्षिक योग्यताएं।
रिश्तेदारों का भी देना होगा पूरा ब्योरा
इस जांच में शिक्षकों को अपने परिवार और निकट संबंधियों से जुड़ी जानकारी भी देनी होगी। शिक्षकों को नोटरी से सत्यापित शपथपत्र देना होगा, जिसमें यह स्पष्ट करना होगा कि उनके परिवार या निकट संबंधियों में कोई व्यक्ति उत्तर प्रदेश के शिक्षा विभाग में बीएसए या उससे उच्च पद पर कार्यरत है अथवा नहीं।
शपथपत्र में पति, पत्नी, पिता, पुत्र, पुत्री, दामाद, पुत्रवधू, सास, ससुर, साले, बहनोई, ननद, ससुराल पक्ष के अन्य संबंधित सदस्यों तथा प्रथम श्रेणी के चचेरे, ममेरे, फुफेरे और मौसेरे भाई-बहनों का विवरण भी देना होगा।
यदि कोई निकट संबंधी इस श्रेणी में नहीं आता है, तो इसकी घोषणा भी शपथपत्र में करनी होगी।
एसटीएफ करेगी दस्तावेजों का सत्यापन
समाचार रिपोर्ट के अनुसार, सभी शिक्षकों से प्राप्त दस्तावेजों और संबंधित सूचनाओं को संकलित कर एसटीएफ के क्षेत्रीय कार्यालयों को भेजा जाएगा। प्रदेश में एसटीएफ के 18 रेंज कार्यालय और सात पुलिस कमिश्नरेट हैं।
दस्तावेजों के सत्यापन में आवश्यकता पड़ने पर एसपी, एसएसपी और पुलिस आयुक्त की भी मदद ली जा सकेगी। जिला स्तर पर बीएसए तथा मंडल स्तर पर सहायक शिक्षा निदेशक इसकी निगरानी करेंगे।
हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में हो रही कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट के 16 अक्टूबर के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, मामला परिषदीय विद्यालयों में अनियमितताओं, नियम विरुद्ध नियुक्तियों और फर्जी प्रमाणपत्रों से जुड़ा है।
बेसिक शिक्षा निदेशालय की ओर से सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा में दस्तावेजों का संकलन और सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए हैं।
4 नवंबर तक देनी होगी अनुपालन रिपोर्ट
इस मामले में हाईकोर्ट ने अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए 4 नवंबर की तारीख निर्धारित की है। इसी को देखते हुए विभागीय स्तर पर दस्तावेजों को तेजी से एकत्र करने और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी की जा रही है।
अब प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाणपत्रों, नियुक्ति प्रक्रिया और निर्धारित अर्हताओं की जांच पर सभी की नजरें रहेंगी।
महत्वपूर्ण सूचना: यह समाचार 31 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित दैनिक जागरण की रिपोर्ट के आधार पर तैयार किया गया है। दस्तावेज जमा करने की अंतिम तिथि के संबंध में संबंधित विभागीय आदेश का पालन करें।

