09 October 2026

विवाह पंजीकरण में उम्र की पुष्टि को आधार मान्य नहीं



लखनऊ, । हाईकोर्ट द्वारा बाल विवाह पर रोक के लिए दिए आदेश के बाद राज्य सरकार ने विवाह पंजीकरण की व्यवस्था में बदलाव कर दिया है। विवाह पंजीकरण के लिए उम्र की पुष्टि के लिए आधार मान्य नहीं होगा। हाईस्कूल, जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस और सीएमओ द्वारा जारी प्रमाण पत्र से उम्र की पुष्टि होगी। लड़के उम्र 21 और लड़की की 18 होने की पुष्टि पर ही विवाह पंजीकरण किया जाएगा।

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प्रमुख सचिव स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन अमित गुप्ता ने गुरुवार को इस संबंध में विवाह पंजीकरण के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी करते हुए विस्तृत दिशा निर्देश भेजा है। इसमें कहा गया है कि विवाह पंजीकरण के समय जरूरी सावधानी बरती जाए। विवाह सम्पन्न होने के दिनांक को वर की उम्र 21 और वधू की 18 पूरी होनी चाहिए। इससे कम होने पर विवाह पंजीकरण नहीं किया जाएगा। विवाह पंजीकरण अधिकारी वर व वधू दोनों की जन्मतिथि का सत्यापन स्वयं करेगा। किसी कर्मचारी से नहीं कराया जाएगा। आधार केवल पहचान व पते के लिए है। इसे जन्मतिथि आयु के प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा। शिक्षा बोर्ड के प्रमाण पत्र मिलान की व्यवस्था या पुराना रजिस्ट्रार जन्म प्रमाण पत्र का डाटा पोर्टल पर न होने पर उसका सत्यापन मूल प्रमाण पत्र प्राप्त कर जारीकर्ता अधिकारी से कराया जाएगा। विवाह के दिनांक को किसी पक्षकार ने आयु एक वर्ष के भीतर पूरी की हो या जन्मतिथि का प्रमाण पत्र छह माह के भीतर बना या संशोधित होने पर यथासंभव स्कूल से इसकी पुष्टि कराई जाएगी।


विवाह पंजीकरण अधिकारी आयु सीमा कम होने पर बालक-बालिका की शादी का विवाह पंजीकरण नहीं किया जाएगा। आवेदन को अधिकतम 15 दिन के अंदर निरस्त किया जाएगा। अधिकतम 24 घंटे के अंदर इसकी जानकारी जिलाधिकारी को देनी होगी। बाल विवाह होने की जानकारी मिलने पर गोपनीय तरीके से इसकी जानकारी बल विवाह प्रतिषेध अधिकारी को दी जाएगी।