18 October 2026

सामूहिक विवाह में शिक्षकों की ड्यूटी से नाराज संगठन,ज्ञापन भेजकर आदेश निरस्त करने की मांग


आज उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ बरेली की आकस्मिक मीटिंग का आयोजन गांधी उद्यान में किया गया। जिलाध्यक्ष जितेंद्र गंगवार एवं समस्त जिला कार्यकारिणी ने शिक्षकों/शिक्षकायों की ड्यूटी सामूहिक विवाह कार्यक्रम में लगाने का विरोध किया है एवं जिलाध्यक्ष द्वारा बताया गया कि शिक्षक-शिक्षिकाएं नौ दिनों तक व्रत रखकर मां दुर्गा की आराधना करते हैं तथा अंतिम दिन कन्या पूजन, हवन और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न करते हैं। ऐसे में सार्वजनिक अवकाश के दिन सामूहिक विवाह समारोह में ड्यूटी लगाए जाने से उनकी धार्मिक भावनाओं और निजी आयोजनों पर असर पड़ सकता है।इन्हीं कारणों से प्रदेश  संगठन द्वारा ही मुख्यमंत्री जो को ज्ञापन देकर 19 को सार्वजनिक अवकाश घोषित कराया गया है। शेरगढ़ के अध्यक्ष कैलाश चंद द्वारा बताया गया कि ऐसे आदेशों से पूर्व में भी विभाग की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह उठ चुके है।ऐसा ही प्रकरण शिक्षकों को भूसा दान करने बाला था जिसे बाद में निरस्त किया गया था।संगठन ने उपजिलाधिकारी बहेड़ी एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी महोदया को ज्ञापन भेजकर आदेश निरस्त करने की मांग की है।जिससे शिक्षक अपना त्यौहार मना सके।मीटिंग में जिला मंत्री गिरजेश कुमार,जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष अरविंद गंगवार,जिला संयुक्त मंत्री अरविंद चौधरी,जिला उपाध्यक्ष गौरव गुप्ता,उमेश गंगवार,जिला संगठन मंत्री अरुण गंगवार,अजय कुमार,नवाबगंज के अध्यक्ष भारतबीर,मंत्री धीरज पटेल,अमित कुमार आदि लोग रहे।



महानवमी पर शिक्षकों की ड्यूटी लगाने पर उठे सवाल, प्राथमिक शिक्षक संघ ने की आदेश की समीक्षा की मांग

बरेली: महानवमी के अवसर पर शेरगढ़ में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में शिक्षकों की ड्यूटी लगाए जाने को लेकर सवाल उठने लगे हैं। इस मामले में प्राथमिक शिक्षक संघ ने सार्वजनिक अवकाश के दिन शिक्षकों की ड्यूटी लगाए जाने पर आपत्ति जताई है।

समाचार पत्र में प्रकाशित जानकारी के अनुसार, 19 अक्टूबर को सीता राम पैलेस में आयोजित कार्यक्रम में 34 सामूहिक विवाह संपन्न कराए जाने हैं। इस आयोजन के लिए शिक्षकों की ड्यूटी लगाए जाने के आदेश के बाद शिक्षक संघ ने संबंधित अधिकारियों से मामले की समीक्षा करने की मांग की है।

सार्वजनिक अवकाश पर ड्यूटी लगाने पर सवाल

जिलाध्यक्ष जितेंद्र गंगवार ने कहा कि नवरात्र के अंतिम दिनों में कई शिक्षक व्रत रखते हैं तथा हवन और कन्या पूजन जैसे धार्मिक कार्यों में भाग लेते हैं। ऐसे में सार्वजनिक अवकाश के दिन शिक्षकों की ड्यूटी लगाए जाने के आदेश की समीक्षा होनी चाहिए।

आदेश में संशोधन की मांग

शिक्षक संघ ने विभाग से आदेश के आधार को स्पष्ट करने की मांग करते हुए कहा कि शिक्षकों की धार्मिक आस्था और सार्वजनिक अवकाश का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। संघ का कहना है कि इस तरह के मामलों में उचित समन्वय स्थापित कर समाधान निकाला जाना चाहिए।

फिलहाल, इस मामले में विभाग की ओर से किसी नए आदेश या संशोधन की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। आगे की स्थिति संबंधित विभाग के निर्णय पर निर्भर करेगी।