23 October 2026

UP Teacher Transfer 2026: दिव्यांगता, कैंसर और डायलिसिस प्रमाणपत्रों की शिकायत पर परिषद ने मांगे साक्ष्य

 

UP Teacher Transfer 2026: दिव्यांगता, कैंसर और डायलिसिस प्रमाणपत्रों से जुड़ी शिकायत पर परिषद ने मांगे साक्ष्य

UP Basic Teacher Transfer News: उत्तर प्रदेश में अंतर्जनपदीय स्थानांतरण 2026-27 के अंतर्गत दिव्यांगता, कैंसर एवं डायलिसिस से संबंधित प्रमाणपत्रों को लेकर जन सुनवाई पोर्टल पर दर्ज शिकायत के संबंध में उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद ने संबंधित शिकायतकर्ता से साक्ष्य उपलब्ध कराने को कहा है।

इस संबंध में सचिव, उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज के कार्यालय से 21 अक्टूबर 2026 को पत्र जारी किया गया है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि शिकायत पर आगे की कार्रवाई नियमानुसार उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

क्या है पूरा मामला?

जारी पत्र के अनुसार, जन सुनवाई पोर्टल पर संदर्भ संख्या 60000260154137 के माध्यम से अंतर्जनपदीय स्थानांतरण 2026-27 के लिए जारी शासनादेश के क्रम में दिव्यांगता, कैंसर एवं डायलिसिस से संबंधित प्रमाणपत्रों की कथित फर्जीवाड़े से जुड़ी शिकायत दर्ज कराई गई है।

शिकायत के संबंध में बेसिक शिक्षा परिषद ने शासनादेश संख्या 13/1/97-का-1-1997, दिनांक 1 अगस्त 1997 के प्रावधानों का उल्लेख किया है।

शिकायत की पुष्टि के लिए शपथपत्र और साक्ष्य जरूरी

परिषद के पत्र में संबंधित शासनादेश के प्रस्तर-02 का हवाला देते हुए कहा गया है कि अन्य स्रोतों अथवा व्यक्तियों से प्राप्त शिकायतों के मामले में शिकायतकर्ता से शपथपत्र और शिकायत की पुष्टि के लिए समुचित साक्ष्य उपलब्ध कराने को कहा जाना चाहिए।

साक्ष्य प्राप्त होने के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

शिकायतकर्ता को दिया गया निर्देश

उप सचिव, उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज की ओर से संबंधित शिकायतकर्ता से अनुरोध किया गया है कि वह अपनी शिकायत की पुष्टि के लिए शपथपत्र सहित उचित साक्ष्य उपलब्ध कराएं।

पत्र में यह भी कहा गया है कि यदि आवश्यक साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराए जाते हैं, तो शासनादेश के प्रावधानों के अनुसार शिकायत पोषणीय नहीं होगी।

बेसिक शिक्षा विभाग में क्यों महत्वपूर्ण है यह मामला?

अंतर्जनपदीय स्थानांतरण प्रक्रिया में दिव्यांगता, कैंसर एवं डायलिसिस जैसी विशेष परिस्थितियों से संबंधित प्रमाणपत्र महत्वपूर्ण हो सकते हैं। ऐसे में प्रमाणपत्रों की प्रामाणिकता पर शिकायत किए जाने की स्थिति में विभागीय नियमों के अनुसार साक्ष्य और दस्तावेजों के आधार पर ही कार्रवाई की जाएगी।

महत्वपूर्ण: यह पत्र शिकायत के संबंध में साक्ष्य मांगे जाने की सूचना देता है। इससे प्रमाणपत्रों में फर्जीवाड़ा सिद्ध होना नहीं माना जा सकता। मामले में आगे की कार्रवाई उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित नियमों के अनुसार होगी।

पत्र जारीकर्ता: अजय प्रताप सिंह, उप सचिव, उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज।

पत्र दिनांक: 21 अक्टूबर 2026।