यूपी सहित चार राज्यों में जनगणना का काम एक दिसंबर से पांच जनवरी के बीच 35 दिन में पूरा होगा। इससे पहले 16 से 30 नवंबर तक लोगों को स्वगणना का अवसर मिलेगा। खास बात यह है कि जनगणना के दौरान आपसे पूछे जाने वाले 40 सवालों में कोविड टीकाकरण से जुड़े सवाल भी शामिल हैं।
आपको बताना होगा कि कोविड टीकाकरण कराया है या नहीं। यदि कराया है तो टीकाकरण का स्थान भारत था या उससे बाहर। इसके अलावा बैंक खाता, मोबाइल, आधार, वोटर आईडी, पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े सवाल भी पूछे जाएंगे। यूपी की जनगणना निदेशक शीतल वर्मा ने गुरुवार को इस संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जनगणना के दौरान पूछे जाने वाले 40 प्रश्नों में से 34 से 40 क्रमांक तक के सवाल थोड़े अलग हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वगणना हो या प्रगणक द्वारा की जाने वाली गणना, किसी में कोई भी कागज नहीं मांगा जाएगा यानि मांगी गई जानकारी के संबंध में कोई भी कागज नहीं देना है। 34 नंबर सवाल में कोविड टीकाकरण की जानकारी देनी है जबकि 35 नंबर में बैंक खातों की केवल संख्या बतानी है यानि आपके कुल कितने खाते हैं। अगला सवाल होगा कि क्या मोबाइल नंबर उपलब्ध है। जवाब हां या ना में देना है।
अगले सवाल होंगे कि क्या आधार नंबर, वोटर आईडी, भारतीय पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस उपलब्ध हैं। इनके जवाब भी हां या ना में ही देने होंगे। जनगणना निदेशक शीतल वर्मा ने बताया कि यह पुरजोर प्रयास किया जाएगा कि कोई भी व्यक्ति जनगणना से छूटने न पाए। उन्होंने अधिकाधिक लोगों से 16 से 30 नवंबर के बीच स्वगणना करने की अपील की है।
सैन्य क्षेत्रों की होगी अलग से गणना
प्रदेश में जनगणना के काम में कुल 5.63 लाख लोग लगाए गए हैं। हर जिले में मुख्य जनगणना अधिकारी जिलाधिकारी ही होंगे। पहली बार सीडीओ को भी इसमें जोड़ा गया है। शहरी क्षेत्रों में यही जिम्मेदारी नगर आयुक्तों को दी गई है। पांच से नौ जनवरी के बीच एक पुनरीक्षण राउंड होगा, जिसमें देखा जाएगा कि किसी परिवार में पांच जनवरी तक कोई नया सदस्य शामिल तो नहीं हुआ। जनगणना निदेशालय द्वारा जारी आंकड़ों में बताया जाएगा कि पांच जनवरी 2027 तक यूपी की जनगणना कितनी थी। फेज-2 में सैन्य क्षेत्रों की गणना अलग से होगी, जिन्हें वहीं के कर्मी करेंगे।
प्रदेश के तमाम शहरी और ग्रामीण इलाकों में फुटपाथ, रैनबसेरों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशनों, मंदिरों के बाहर और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर रात बिताने वाले बेघरों की भी गणना की जाएगी। इनकी गिनती चार जनवरी की शाम सूर्य डूबने पर शुरू होगी। प्रदेशभर में जनगणना के काम में लगे प्रगणक उन तमाम स्थलों पर जाएंगे, जहां बेघर लोग रहते हैं। जितने भी लोग खुले में सोते मिलेंगे, वहीं उनका ब्योरा दर्ज किया जाएगा।
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