प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी टीईटी-2013 से जुड़े मामले में परीक्षा नियामक प्राधिकारी के सचिव के प्रति नाराजगी जताते हुए उन्हें दोबारा तलब किया है। अदालत ने सचिव को 6 नवंबर को आवश्यक सेटअप के साथ व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान की एकल पीठ ने अरुण कुमार की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया।
हाईडिस्क लेकर कोर्ट नहीं पहुंचे सचिव
पिछले आदेश के अनुपालन में परीक्षा नियामक प्राधिकारी के सचिव राजेंद्र प्रताप सिंह को हाईडिस्क लेकर अदालत में उपस्थित होना था। लेकिन वह हाईडिस्क की व्यवस्था किए बिना ही कोर्ट पहुंच गए।
उनके साथ अधिकारियों की एक टीम भी मौजूद थी। टीम ने हाईडिस्क चलाने का तरीका समझाने का प्रयास किया, लेकिन आवश्यक तकनीकी व्यवस्था उपलब्ध नहीं होने के कारण कोर्ट की अपेक्षित कार्यवाही पूरी नहीं हो सकी।
हाईडिस्क में क्या है मामला?
दरअसल, कोर्ट ने संबंधित अभ्यर्थियों के फोटो का सत्यापन करने के लिए हाईडिस्क मंगाई थी। अधिकारियों की टीम ने इसके लिए एक दिन का समय मांगा।
इस पर अदालत ने सचिव को 6 नवंबर को आवश्यक सेटअप के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया। हाईकोर्ट में कार्यरत एनआईसी की मदद भी ली जा सकती है, ताकि हाईडिस्क के माध्यम से जरूरी तकनीकी प्रक्रिया पूरी की जा सके।
यूपी टीईटी-2013 का मामला फिर चर्चा में
यूपी टीईटी-2013 से जुड़े इस मामले में हाईकोर्ट पहले भी आवश्यक दस्तावेज और तकनीकी साक्ष्य प्रस्तुत करने के निर्देश दे चुका है। अब सचिव को दोबारा तलब किए जाने से मामले की सुनवाई महत्वपूर्ण हो गई है।
अगली सुनवाई में यह देखना अहम होगा कि संबंधित हाईडिस्क और आवश्यक तकनीकी व्यवस्था के माध्यम से अभ्यर्थियों के फोटो का सत्यापन हो पाता है या नहीं।

