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05 November 2026

छात्रवृत्ति के 4,798 आवेदन निरस्त, दो हजार शिक्षण संस्थानों पर कार्रवाई

छात्रवृत्ति के 4,798 आवेदन निरस्त, दो हजार शिक्षण संस्थानों पर कार्रवाई; एक ही श्रेणी में दोबारा आवेदन करने से बढ़ी परेशानी

UP Scholarship 2026: प्रयागराज मंडल के चार जिलों में पिछड़ा वर्ग छात्रवृत्ति के हजारों आवेदन खारिज, 70 प्रतिशत आवेदन एक ही श्रेणी में दोबारा भरने के कारण निरस्त

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में छात्रवृत्ति योजना के तहत आवेदन करने वाले विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। प्रयागराज मंडल के चार जिलों में पिछड़ा वर्ग छात्रवृत्ति के 4,798 आवेदन शिक्षण संस्थानों की ओर से निरस्त कर दिए गए हैं। इनमें करीब 70 प्रतिशत आवेदन एक ही श्रेणी के पाठ्यक्रम में दोबारा आवेदन करने के कारण खारिज हुए हैं।

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छात्रवृत्ति के लिए एक श्रेणी के पाठ्यक्रम में केवल एक बार ही आवेदन किया जा सकता है। आवेदन निरस्त होने का दूसरा प्रमुख कारण विद्यार्थियों की कम उपस्थिति रही। छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के तहत 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है, जबकि कुछ विद्यार्थियों की उपस्थिति 50 प्रतिशत से भी कम पाई गई।

चार जिलों में हजारों आवेदन निरस्त

प्रयागराज, प्रतापगढ़, कौशांबी और फतेहपुर में लगभग दो हजार विद्यालय, कॉलेज एवं अन्य शिक्षण संस्थानों ने छात्रवृत्ति के आवेदन निरस्त किए हैं। छात्रवृत्ति आवेदन प्रक्रिया अगस्त में शुरू हुई थी और नवंबर तक जारी रहेगी। संस्थानों को 15 नवंबर तक आवेदन अग्रसारित करने हैं।

कितने विद्यार्थियों ने किया आवेदन?

चारों जिलों में पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों से प्राप्त आवेदनों का विवरण इस प्रकार है:

  • प्री-मैट्रिक (कक्षा 9 एवं 10): 94,280 आवेदन।

  • पोस्ट-मैट्रिक (कक्षा 11, 12 एवं उससे ऊपर): 2,31,102 आवेदन।

कितनी मिलती है छात्रवृत्ति?

कक्षा/पाठ्यक्रमछात्रवृत्ति राशि
कक्षा 9 एवं 10₹2,250
कक्षा 11 एवं 12₹2,760
बीए एवं बीएससी₹3,600
एमए एवं एमएससी₹4,240

शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि

कक्षा 12 के बाद बीए, बीएससी और बीकॉम जैसे पाठ्यक्रमों में अधिकतम ₹5,000 तक शुल्क प्रतिपूर्ति मिलती है। प्रोफेशनल एवं टेक्निकल कोर्स में लगभग ₹10,000 से ₹50,000 तक शुल्क प्रतिपूर्ति का प्रावधान है। वास्तविक राशि पाठ्यक्रम एवं संस्थान के अनुसार निर्धारित होती है।

प्री और पोस्ट मैट्रिक के आवेदन भी हुए निरस्त

संस्थानों की ओर से क्रमशः 91,926 और 2,24,630 आवेदन अग्रसारित किए गए। वहीं प्री-मैट्रिक के 1,918 और पोस्ट-मैट्रिक के 2,871 आवेदन निरस्त किए गए।

उपनिदेशक एलएम मौर्य ने कहा कि निरस्त किए गए आवेदन छात्रवृत्ति योजना के निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे।

विद्यार्थियों के लिए जरूरी सलाह: छात्रवृत्ति आवेदन करते समय पाठ्यक्रम की श्रेणी, उपस्थिति और अन्य पात्रता शर्तों का विशेष ध्यान रखें। एक ही श्रेणी में दोबारा आवेदन करने से बचें।

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