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09 November 2026

शेयर बाजार में रिकॉर्ड तेजी: NPS खाताधारकों की लगी लॉटरी, फंड रिटर्न में हुआ अभूतपूर्व इजाफा!

शेयर बाजार में आई हालिया तेजी के कारण नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के फंड रिटर्न में भारी बढ़ोतरी (अभूतपूर्व इजाफा) दर्ज की गई है। चूंकि NPS का एक बड़ा हिस्सा इक्विटी (शेयर बाजार) में निवेश किया जाता है, इसलिए जब भी शेयर बाजार अपने रिकॉर्ड स्तर को छूता है, NPS खाताधारकों के कॉर्पस और नेट एसेट वैल्यू (NAV) में सीधा और सकारात्मक असर दिखाई देता है।
यदि आप एक शुरुआती (Novice) निवेशक के रूप में इसे समझना चाहते हैं, तो आइए बेहद सरल शब्दों में देखें कि बाजार की तेजी का आपके NPS पर क्या असर होता है, इसके क्या फायदे-नुकसान हैं और आपको इस समय क्या करना चाहिए।


📊 NPS पर बाजार की तेजी का गणित
NPS मुख्य रूप से चार अलग-अलग एसेट क्लास में आपका पैसा निवेश करता है। शेयर बाजार (Equity) में आई तेजी का असर इस बात पर निर्भर करता है कि आपने अपने पोर्टफोलियो का कितना प्रतिशत हिस्सा इक्विटी में रखा है:
एसेट क्लास (Asset Class)निवेश का माध्यम (Where it Invests)बाजार की तेजी का असर (Impact of Market Rally)
इक्विटी (Scheme E)निफ्टी या सेंसेक्स की टॉप कंपनियों के शेयरसबसे ज्यादा मुनाफा (बाजार बढ़ने पर यह रॉकेट की तरह बढ़ता है)
कॉरपोरेट डेट (Scheme C)प्रतिष्ठित कंपनियों के बॉन्ड्स और डिबेंचर्समध्यम और स्थिर रिटर्न, बाजार की तेजी से सीधा संबंध नहीं
सरकारी प्रतिभूतियां (Scheme G)केंद्र और राज्य सरकार के बॉन्ड्सअत्यधिक सुरक्षित, ब्याज दरों के आधार पर तय रिटर्न
वैकल्पिक संपत्तियां (Scheme A)आरईआईटी (REITs) और इंफ्रास्ट्रक्चर फंडबहुत कम निवेश (अधिकतम 5%), सीमित असर

🔍 अभूतपूर्व इजाफे के पीछे के मुख्य कारण और छिपे हुए पहलू
  1. कंपाउंडिंग की ताकत (Power of Compounding): NPS एक लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट है। बाजार की तेजी में जब आपकी NAV बढ़ती है, तो उस बढ़े हुए पैसे पर आगे और ज्यादा रिटर्न मिलता है।
  2. छिपी हुई लागत (Hidden Costs): भले ही आपका फंड तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन आपको यह ध्यान रखना चाहिए कि NPS में बहुत कम (लगभग 0.01% से 0.09% तक) फंड मैनेजमेंट चार्ज (PFRMA Fees) और अकाउंट मेंटेनेंस चार्ज लगते हैं। हालांकि यह अन्य म्यूचुअल फंड्स से बहुत कम है, फिर भी यह आपके कुल रिटर्न को थोड़ा प्रभावित करता है।
  3. टैक्स का नियम: NPS में निवेश करने पर धारा 80CCD(1B) के तहत ₹50,000 की अतिरिक्त टैक्स छूट मिलती है। साथ ही, मैच्योरिटी (60 वर्ष की उम्र) पर 60% रकम पूरी तरह टैक्स-फ्री होती है, जबकि बाकी 40% से एन्युटी (पेंशन) खरीदनी होती है, जिस पर आपके टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स लगता है।

💡 आपके लिए व्यावहारिक कदम (Practical Next Steps)
बाजार में इस अभूतपूर्व इजाफे का फायदा उठाने और अपने भविष्य को सुरक्षित करने के लिए आप ये 3 कदम उठा सकते हैं:
  1. पोर्टफोलियो की समीक्षा करें (Check your Asset Allocation): लॉग-इन करके देखें कि आपका पैसा 'एक्टिव चॉइस' (Active Choice) में है या 'ऑटो चॉइस' (Auto Choice) में। अगर आप युवा हैं और जोखिम ले सकते हैं, तो इक्विटी (Scheme E) का हिस्सा बढ़ाकर अधिकतम 75% तक कर सकते हैं ताकि तेजी का पूरा फायदा मिले।
  2. प्रॉफिट लॉक करने की जल्दबाजी न करें: शेयर बाजार ऊपर-नीचे होता रहता है। अगर बाजार कल को थोड़ा गिरता भी है, तो घबराकर पैसे निकालने या इक्विटी एलोकेशन को अचानक कम करने की गलती न करें। NPS का मकसद 15-30 सालों में वेल्थ बनाना है।
  3. टियर-2 अकाउंट का इस्तेमाल: अगर आपके पास अतिरिक्त नकदी (Surplus Cash) है, तो आप NPS Tier-II अकाउंट में डाल सकते हैं, जहां से आप जब चाहें पैसे निकाल सकते हैं और बाजार की इस तेजी का शॉर्ट-टर्म में भी फायदा उठा सकते हैं।

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