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09 November 2026

‘सेक्सटॉर्शन’: बदनामी का भय बना ठगों का सबसे बड़ा हथियार

देहरादून। उत्तराखंड में सेक्सटॉर्शन (अश्लील वीडियो बना ब्लैकमेलिंग) साइबर ठगी का सबसे बड़ा हथियार बन गया है। वर्ष 2026 में 15 अक्तूबर तक इसके 316 मामले दर्ज हुए। इनमें ठगों ने पीड़ितों से करीब 3.5 करोड़ रुपये वसूले। सेक्सटॉर्शन ने शिकायतों के लिहाज से गेमिंग(203),ट्रेडिंग(188) और निवेश (138) जैसे साइबर अपराधों को भी पीछे छोड़ दिया है।

साइबर अपराध के आंकड़ों के मुताबिक, सेक्सटॉर्शन के जाल में सबसे ज्यादा 26 से 40 वर्ष की उम्र के लोग फंस रहे हैं। इस आयु वर्ग के 161 मामले सामने आए हैं। वहीं, 18 से 25 वर्ष के युवाओं से जुड़े 135 और 41 से 60 वर्ष के लोगों के 18 मामले दर्ज हुए हैं। शेष दो मामले अन्य उम्र वर्ग के हैं।

साइबर थाना पुलिस के मुताबिक, अनजान नंबरों से आने वाली वीडियो कॉल रिसीव करना और सोशल मीडिया पर अजनबियों से दोस्ती करना इस जाल में फंसने की बड़ी वजहें हैं। ठग अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करते हैं। पीड़ित लोकलाज और बदनामी के डर से तुरंत पुलिस में शिकायत नहीं करते। इसी डर का फायदा उठाकर ठग उनसे मोटी रकम वसूल लेते हैं।

एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने आगाह करते हुए कहा कि अनजान नंबरों से आने वाली वीडियो कॉल या सोशल मीडिया रिक्वेस्ट कतई स्वीकार न करें। किसी भी तरह की ब्लैकमेलिंग होने पर डरने के बजाय साइबर हेल्प लाइन नंबर 1930 पर शिकायत कराएं।

पांच साल में 72 हजार से ज्यादा लोग ठगी के शिकार

● वर्ष 2026 में 15 अक्तूबर तक राज्य में सभी तरह के साइबर अपराधों में 25,584 लोग शिकार हुए हैं।

● इनमें 20,238 पुरुष,5,330 महिलाएं और 16 ट्रांसजेंडर शामिल हैं। इस साल भी 26 से 40 वर्ष का आयु वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है।

● इसके 11,284 लोग साइबर ठगी के शिकार बने हैं। वहीं, पिछले पांच वर्षों में कुल 72,785 लोग साइबर ठगों के जाल में फंस चुके हैं।

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