प्रयागराज, । उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग फरवरी 2027 के अंत में फिर से उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) कराने की तैयारी में है। हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह एवं न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने वसीम अहमद की अपील पर सुनवाई करते हुए टीईटी का प्रस्तावित कार्यक्रम मांगा था। इस पर चयन आयोग ने प्रस्तावित कार्यक्रम की रूपरेखा तय कर ली है जिसे हाईकोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
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फिलहाल तो चयन आयोग तीन नवंबर को छह मंडल मुख्यालयों आगरा, गोरखपुर, लखनऊ, मेरठ, प्रयागराज व वाराणसी के 131 केंद्रों पर विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) कराने जा रहा है। इसमें 1.06 लाख सेवारत शिक्षक व स्पेशल एजुकेर्ट्स पंजीकृत हैं। इसके बाद चार महीने के अंदर दूसरी टीईटी कराई जाएगी जिसमें सभी अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे।
यही नहीं चयन आयोग ने आगामी वर्षों में हर साल जुलाई और जनवरी में दो बार टीईटी कराने का निर्णय लिया है। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की गाइडलाइन के अनुसार साल में दो बार टीईटी कराई जानी चाहिए लेकिन यूपी में 2011 से लेकर अब तक किसी भी साल दो बार टीईटी नहीं हो सकी है। इस साल दो से चार जुलाई तक टीईटी कराई जा चुकी है और तीन नवंबर को विशेष टीईटी हो रही है। हालांकि स्पेशल टीईटी में केवल सेवारत शिक्षकों एवं स्पेशल एजुकेटर्स को शामिल किया गया है और सामान्य अभ्यर्थियों को मौका नहीं मिला है।
टीजीटी अभ्यर्थियों को 30 जून तक मिला है मौका
23 और 24 दिसंबर को होने जा रही प्रशिक्षित स्नातक (टीजीटी) की लिखित परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को टीईटी पास करने के लिए 30 जून 2027 तक का अवसर दिया गया है। इस लिहाज से फरवरी अंत में टीईटी होने से इन अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी।
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