स्कूल में निरीक्षण के दौरान रजिस्टर में ज्यादा और हकीकत में कम मिले विद्यार्थी, अध्यापक नहीं दे सके कोई जवाब


प्रयागराज : शनिवार को मतदाता पुनरीक्षण की पड़ताल करने पहुंचीं एसडीएम को चाका के प्राथमिक स्कूलों में ढेरों कमियां मिलीं। प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालय मसिका में पांचवीं कक्षा का हाजिरी रजिस्टर ही अपूर्ण था। 18 नवंबर से 27 नवंबर तक उपस्थिति नहीं दर्ज होने के संबंध में अध्यापक जवाब नहीं दे सके

इसी तरह प्राथमिक स्कूल चाड़ी में मिड डे मील (एमडीएम) का रजिस्टर मांगने पर अध्यापकों ने बताया कि प्रधानाचार्य के पास रखा है। इस दौरान वह मौजूद भी नहीं थे। स्कूल के रजिस्टर में कुल 111 छात्र उपस्थित थे जबकि मौके पर गणना कराई गई तो महज 70 विद्यार्थी ही थे। वहीं प्राथमिक स्कूल पिपरांव में भी अव्यवस्था दिखी। बच्चों के लिए भोजन बनाने के नाम पर चूल्हे का प्रयोग किया जा रहा था। गैस सिलिंडर आदि के बारे में रसोइयां जानकारी नहीं दे सकी। साथ ही मेन्यू के आधार पर एमडीएम भी नहीं बना था।

कहीं एक-दो अध्यापक तो कहीं सात-आठप्राथमिक विद्यालय पिपरांव में बोर्ड पर आठ अध्यापकों के नाम देखकर एसडीएम अचंभित रह गईं। उन्होंने जब पूछा कि स्कूल पांचवीं तक है। कमरे भी सीमित हैं, ऐसी दशा में आठ अध्यापक किसको पढ़ाते हैं। इसपर अध्यापक कोई जवाब नहीं दे सके। इसके अलावा कई और स्कूलों में कक्षाओं से अधिक अध्यापक मौजूद मिले। वहीं ग्रामीण अंचल के कई ऐसे स्कूल भी थे, जहां एक या दो अध्यापकों से पूरी कक्षा संचालित की जा रही है।

जांच के दौरान तीनों सरकारी स्कूलों में गड़बड़ियां मिली हैं। एमडीएम और हाजिरी रजिस्टर अपूर्ण थे। स्कूल की साफ-सफाई संतोषजनक नहीं थी। मामले की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। – अमृता सिंह, एसडीएम, करछना

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