ईपीएफओ ने बेसिक शिक्षा व ग्राम विकास विभाग से वसूले 22.41 करोड़


गोरखपुर : भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने कर्मचारियों का अंशदान जमा नहीं करने वाले विभागों व संस्थाओं के विरुद्ध सख्ती शुरू कर दी है। क्षेत्रीय आयुक्त की पहल पर ईपीएफओ ने परिक्षेत्र के गोंडा, श्रावस्ती, कुशीनगर, महराजगंज, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, बस्ती व देवरिया के बेसिक शिक्षा व ग्राम विकास विभाग से वर्षों से बकाया अंशदान के रूप में लगभग 22.41 करोड़ की वसूली की है। लगभग आधा दर्जन जनपदों को अंशदान जमा करने के लिए नोटिस देते हुए वसूली की कार्रवाई शुरू कर दी है।



ईपीएफओ ने गत दिनों इन जनपदों के बीएसए को नोटिस देकर बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत संविदा कर्मचारियों शिक्षामित्र, अनुदेशक व प्रेरक तथा मुख्य विकास अधिकारी को नोटिस देकर ग्रामीण रोजगार सेवक, लेखाकार तथा कंप्यूटर आपरेटर का भविष्य निधि अंशदान जमा करने का निर्देश दिया था। नोटिस के बाद भी जब इन विभागों ने कर्मियों का अंशदान जमा नहीं किया तो ईपीएफओ ने इन विभागों के बैंक खातों को संबद्ध कर अंशदान राशि की वसूली की

इन जिलों के बीएसए व सीडीओ को भी नोटिसः ईपीएफओ ने कर्मचारियों का अंशदान नहीं जमा करने के मामले में गोरखपुर, बहराइच, संत कबीर नगर व बलिया के बेसिक शिक्षा विभाग के नियोक्ता बीएसए व ग्राम विकास विभाग के नियोक्ता मुख्य विकास अधिकारी को भी नोटिस जारी की है। ताकि वह कर्मचारियों का अंशदान जल्द से जल्द जमा कर सकें।

नोट: ग्राम्य विकास विभाग गोंडा के अंशदान का बकाया 2,22,77,494 तथा कुशीनगर जिले का बकाया 2,96,81,344 रुपये निर्धारित किया गया है। जिनकी वसूली की कार्रवाई ईपीएफओ द्वारा की जा रही हैं।



यदि कोई संस्थान या विभाग अपने कर्मचारियों का भविष्य निधि अंशदान जमा नहीं करता है, तो यह गंभीर लापरवाही है। इनके

विरुद्ध भविष्य निधि एवं प्रकीर्ण उपबंध अधिनियम 1952 की धारा 7(ए) के तहत बकाया अंशदान निर्धारण करते हुए न्यायिक कार्रवाई की जाएगी।
अभयानंद तिवारी, क्षेत्रीय आयुक्त ईपीएफओ
गोरखपुर परिक्षेत्र

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