यूपीटीईटी : बाल विकास और गणित के सवालों में उलझे अभ्यर्थी, लखनऊ में 85 प्रतिशत से ज्यादा ने दी परीक्षा


लखनऊ। राजधानी में रविवार को आयोजित यूपीटेट में पूछे गए वैसे तो ज्यादा मुश्किल नहीं थे, लेकिन बाल विकास और गणित के घुमावदार प्रश्नों ने अभ्यर्थियों का कड़ा इम्तिहान लिया। कुछ अभ्यर्थियों को इंग्लिश लैंग्वेज के
प्रश्न भी कठिन लगे। अभ्यर्थियों ने कुल मिलाकर प्रश्नों को ठीक बताया, लेकिन कहा कि पिछली परीक्षा के मुकाबले प्रश्न थोड़े कठिन थे। परीक्षा में बाल विकास शिक्षा शास्त्र, गणित, सोशल साइंस, इंग्लिश, हिंदी, ईवीएस आदि विषय से कुल 150 प्रश्न पूछे गए थे। अभ्यर्थियों ने बताया कि बाल विकास शिक्षा शास्त्र के कई प्रश्न काफी घुमाकर पूछे गए थे। वहीं, कई अभ्यर्थियों ने गणित के भी कुछ प्रश्नों को कठिन बताया। जिन्होंने गणित विषय से पढ़ाई नहीं की थी, उनको प्रश्न ज्यादा कठिन लगे। कई अभ्यर्थियों ने अंग्रेजी विषय के प्रश्नों को कठिन बताया। यूपीटेट की दोनों पालियोें में 84 प्रतिशत से ज्यादा उपस्थिति रही। पहली पाली सुबह 10 बजे से 12:30 बजे के लिए 47349 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें से 39583 ने परीक्षा दी। वहीं दोपहर की पाली 2:30 से 5 बजे तक के लिए 33255 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इसमें से 27596 ने परीक्षा दी।पेपर लीक की उड़ी अफवाहपरीक्षा के दौरान पेपर लीक की अफवाह उड़ने से अधिकारियों में हड़कंप मच गया। अभ्यर्थियों व उनके परिवारीजन ने बताया कि सुबह छह बजे से ही सोशल मीडिया पर प्रश्न पत्र वायरल होने लगा। परीक्षा केंद्रों पर इसको लेकर कोई अप्रिय स्थिति पैदा न हो इसे लेकर प्रशासन ने मोर्चा संभाला। बाद में प्रयागराज स्थित सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने पेपर लीक की सूचना को अफवाह बताया। गौरतलब है कि पहले परीक्षा गत 28 नवंबर को होनी थी। पेपर लीक होने से इसे रद कर दिया गया था।

परीक्षा केंद्र के बाहर टूटा प्रोटोकॉलपरीक्षा केंद्रों के बाहर कोविड प्रोटोकॉल की जमकर धज्जियां उड़ीं। केंद्रों के बाहर चस्पा सीटिंग प्लान देखने के लिए अभ्यर्थियों का झुंड एकत्रित था। इन्होंने न मास्क लगा रखे थे न इन्हें सामाजिक दूरी का ख्याल रहा। परीक्षा छूटने के बाद भी सभी अभ्यर्थी झुंड बनाकर परीक्षा केंद्र से बाहर निकले।मानदेय के लिए कक्ष निरीक्षकों का हंगामास्वामी विवेकानंद इंटर कॉलेज में परीक्षा छूटने पर कक्ष निरीक्षकों को मानदेय नहीं मिला तो उन्होंने हंगामा किया। कॉलेज के प्रधानाचार्य ने बताया कि ड्यूटी करने को लेकर उनको धनराशि नहीं दी गई। इससे मानदेय बांट नहीं पाए। धनराशि मिलने पर मानदेय दे रिया जाएगा।डीएम ने किया औचक निरीक्षणराजधानी के 99 केंद्रों पर परीक्षा के दौरान डीएम अभिषेक प्रकाश ने कुछ परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने जय नारायण इंटर कॉलेज, बप्पा वोकेशनल इंटर कॉलेज और महामना मालवीय विद्या मंदिर इंटर कॉलेज विवेक खंड-1 का निरीक्षण किया। इस दौरान कोविड प्रोटोकॉल के पालन का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के तहत परीक्षा केंद्रों में प्रत्येक कक्ष में क्षमता से कम परीक्षार्थी बैठे पाए गए। सभी के केंद्रों पर पेयजल की व्यवस्था, स्वच्छ शौचालय व हैंडवॉश संग सैनिटाइजर आदि की व्यवस्था दुरुस्त मिली।

अभ्यर्थियों ने साझा किया अनुभवपेपर ठीक था। ज्यादा मुश्किल सवाल नहीं पूछे गए थे। मेरा विषय गणित नहीं रहा कभी, इसलिए इसके सवालों को हल करने में थोड़ी कठिनाई हुई। बाकी सभी प्रश्न औसत थे।

नीरज कुमार सिंह, अभ्यर्थीयदि रद हुई पिछली परीक्षा से तुलना करें तो इस बार की परीक्षा में थोड़े कठिन प्रश्न पूछे गए थे। खासकर बाल विकास के प्रश्न कुछ कठिन लगे। प्रश्न काफी घुमाकर पूछे गए थे।
प्रभात यादव, अभ्यर्थीबाल विकास भाग के कुछ प्रश्नों ने परेशान किया। प्रश्न शिक्षा शास्त्र से ज्यादा पूछे गए थे। गणित के भी थोड़े प्रश्न घुमावदार पूछे गए थे। बाकी सभी प्रश्न ठीक लगे।
संदीप कुमार, अभ्यर्थीबाल विकास व शिक्षा शास्त्र भाग से सबसे ज्यादा प्रश्न शिक्षा शास्त्र से पूछे गए, जो कुछ हद तक कठिन लगे। परिभाषाएं ज्यादा पूछी गईं थीं। ईवीएस काफी आसान था।
आशीष कुमार, अभ्यर्थी
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