शिक्षक/ विद्यालय इस तरह करें 100 Days Reading Campaign का संचालन


100 Days Reading Campaign का संचालन:



निपुण भारत के अंतर्गत 100 Days Reading Campaign की शुरूआत की गयी है। तत्क्रम में राज्य परियोजना कार्यालय के पत्रांक- गुण०वि० / रीडिंग कैम्पेन / 4808 / 2021-22 दिनांक 03 जनवरी 2022 (छायाप्रति संलग्न) के माध्यम से विस्तृत दिशानिर्देश प्रेषित किये गये हैं तथा साप्ताहिक रूप से गतिविधियों की सूची / इंफोग्राफिक्स आदि प्रेषित किये जा रहे हैं। कोविड महामारी के कारण जब तक बच्चे विद्यालय में नहीं आ रहे हैं, तब तक निम्नवत् आधार पर 100 Days Reading Campaign का संचालन किया जाये :

●100 Days Reading Campaign के अंतर्गत गतिविधियों का साप्ताहिक कैलेण्डर तैयार किया गया है, जिसे बच्चों, माता-पिता, भाई-बहनों एवं परिवार के अन्य सदस्यों की सहायता से किया जाना है। तत्क्रम में अभिभावकों एवं समुदाय की सक्रिय प्रतिभागिता सुनिश्चित करने के लिये राज्य स्तर से प्रेषित साप्ताहिक गतिविधियों के कन्टेन्ट नियमित रूप से प्रेरणा साथी / बच्चे / अभिभावकों को व्हाट्सअप आदि के माध्यम से उपलब्ध कराये जायें।

●अभियान को प्रभावी बनाने के लिये प्रति सप्ताह निर्धारित गतिविधियां सम्पन्न करायी जायें, जिससे कि दिये गये सप्ताह में गतिविधियों को दोहराया जा सके और अंततः इसे समझ कर साथियों और भाई-बहनों के साथ स्वतंत्र रूप से कियान्वित करने में बच्चे सक्षम हो सकें।

●रीडिंग कैम्पेन की सामग्री मोहल्ला कक्षाओं के माध्यम से बच्चों एवं अभिभावकों को साझा की जाये।

●जनपद / ब्लाक / पंचायत स्तर पर कार्यरत स्वयंसेवी संस्थाओं से भी अपेक्षित सहयोग लिया जा सकता है। प्रेरणा सारथी एवं प्रेरणा साथी द्वारा इस अभियान के संचालन हेतु बच्चों को घर पर ही पठन सामग्री उपलब्ध करायी जाये।


समझें अब विस्तार से- 

आप अवगत हैं कि स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा दिनांक 05 जुलाई 2021 से "निपुण भारत मिशन का शुभारम्भ किया गया है, जिसके अन्तर्गत वर्ष 2026-27 तक प्राथमिक कक्षाओं में सार्वभौमिक मूलभूत साक्षरता और संख्या ज्ञान प्राप्त करने तथा कक्षा-3 तक सभी बच्चों में पढ़ने-लिखने और संख्या ज्ञान में ग्रेड स्तर की अपेक्षित योग्यता प्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उक्त परिप्रेक्ष्य में स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए 100 Days Reading Campaign की शुरूआत की गयी है। सुलभ संदर्भ हेतु भारत सरकार द्वारा निर्गत दिशा निर्देश की प्रति संलग्न है (संलग्नक-1 )। 100 Days Reading Campaign का संचालन :

"निपुण भारत मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन के क्रम में शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जनवरी, 2022 से परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, संविलियित एवं कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालयों में राष्ट्रव्यापी 100 Days Reading Campaign के संचालन के संबंध में दिशा निर्देश जारी किये गये हैं। बच्चों के द्वारा पढ़ना सीखने का मुख्य आधार है, जो बच्चों को स्वतंत्र रूप से पुस्तकें पढ़ने के लिए प्रेरित करता है। इसके साथ ही रचनात्मक एवं आलोचनात्मक चिंतन तथा मौखिक और लिखित दोनों रूप में व्यक्त करने की क्षमता को विकसित करता है। यह बच्चों को उनके परिवेश और वास्तविक जीवन की स्थिति से जोड़ने में भी सहायक होता है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में भी इस बात पर जोर दिया गया है कि प्राथमिक विद्यालयों में सार्वभौमिक आधारभूत साक्षरता एवं संख्या ज्ञान हासिल करना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

नेशनल अचीवमेंट सर्वे (एन ए एस) सहित भारत में विभिन्न शोध अध्ययनों से यह तथ्य प्रकाश में आया है कि कई बच्चे एक साधारण कक्षानुरूप वाक्यों या गद्यांशों को पढ़ने में सक्षम नहीं हैं। इसी संदर्भ में 100 Days Reading Campaign प्रारम्भ किया जा रहा है, जिससे कि प्रत्येक बच्चा पढ़ना सीखे और तत्पश्चात् सीखने के लिए पढ़ सके। बच्चों में स्कूल आने से पहले ही पढ़ने-लिखने की समझ विकसित हो जाती है। बच्चे अपने आस-पास की लिखित सामग्री को पढ़ना शुरू कर देते हैं, जैसे-बिस्कुट और टॉफी, सड़क के किनारे पोस्टर / विज्ञापन, घर पर अखबार कहानी की किताबें, पत्र/ पोस्टकार्ड आदि बच्चों के पूर्व-ज्ञान को उनके साक्षरता कौशल के विकास का आधार माना जा सकता है।

पठन अभियान की आवश्यकता

समझ के साथ पढ़ने वाले बच्चे सामान्यतः बेहतर विद्यार्थी बनते हैं, जिससे विद्यालय और जीवन के अन्य क्षेत्रों में उन्हें अपेक्षित सफलता प्राप्त होने की संभावना बढ़ जाती है।

बच्चों में पढ़ने की आदत कैसे विकसित करें?

● विभिन्न प्रकार की आकर्षक चित्रों से युक्त सरल और मनमोहक कहानी की किताबों की उपलब्धता और बच्चों की उन तक पहुंच सुनिश्चित करना।

●विद्यालय में पढ़ने के लिए बच्चों को नियमित आधार पर समय और सहज वातावरण उपलब्ध कराना।

●गतिविधियों, जैसे-जोर से पढ़ना, साथ-साथ पढ़ना, उनके द्वारा पढ़ी गई पुस्तकों पर चर्चा, भूमिका निभाना, शब्द-खेल आदि का आयोजन करना ।

लक्ष्य समूह

बालवाटिका से कक्षा-8 तक के बच्चे इस अभियान का हिस्सा होंगे। उन्हें वर्गवार तीन समूहों में

वर्गीकृत किया जाये :

समूह 1: बालवाटिका से कक्षा-2 

समूह 2: कक्षा-3 से कक्षा 5 तक


समूह 3: कक्षा-6 से कक्षा-8 तक




पठन अभियान की अवधि

100 Days Reading Campaign माह जनवरी 2022 से प्रारम्भ होकर 100 दिनों ( 14 सप्ताह) के लिए आयोजित किया जायेगा।

पठन अभियान के लिए रणनीति

पठन अभियान का उद्देश्य बच्चों, शिक्षकों, माता-पिता, समुदाय, शैक्षिक प्रशासकों आदि सहित राज्य,

जनपद, ब्लॉक, पंचायत तथा विद्यालय स्तर पर सभी हितधारकों की भागीदारी सुनिश्चित करना है। 100 Days Reading Campaign 14 सप्ताह तक जारी रहेगा। पढ़ने को मनोरंजक बनाने और इससे आजीवन जुड़ाव बनाने पर ध्यान केन्द्रित करने प्रति सप्ताह निर्धारित गतिविधियाँ कियान्वित की जानी है। तत्क्रम में शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी साप्ताहिक गतिविधियाँ प्रेषित की जा रही हैं, साप्ताहिक गतिविधियों के संबंध में निर्देश, इन्फोग्राफिक्स आदि राज्य परियोजना कार्यालय द्वारा समय-समय पर प्रेषित किये जायेंगे।

इस अभियान के अंतर्गत गतिविधियों का साप्ताहिक कलैण्डर तैयार किया गया है, जिसे बच्चों को शिक्षकों, माता-पिता, साथियों भाई-बहनों या परिवार के अन्य सदस्यों की सहायता से किया जाना है। तत्कम में अभिभावकों एवं समुदाय की सक्रिय प्रतिभागिता सुनिश्चित करने के लिये राज्य स्तर से प्रेषित विभिन्न कन्टेन्ट नियमित रूप से बच्चों एवं अभिभावकों को व्हाट्सअप आदि के माध्यम से उपलब्ध कराये जायें।

अभियान को प्रभावी बनाने के लिए प्रति सप्ताह निर्धारित गतिविधियाँ की जाये, जिससे कि बच्चे दिए गए सप्ताह में गतिविधि को दोहरा सकें और अंततः इसे समझ कर साथियों और भाई-बहनों

के साथ स्वतंत्र रूप से कियान्वित करने में सक्षम हो सकें। जनपद / ब्लाक / पंचायत स्तर पर कार्यरत स्वयंसेवी संस्थाओं से भी अपेक्षित सहयोग लिया जा सकता है। प्रेरणा सारथी एवं प्रेरणा साथी द्वारा इस अभियान के संचालन हेतु बच्चों को घर पर ही पठन सामग्री उपलब्ध कराने के लिये अपेक्षित सहयोग प्राप्त किया जाये।

दिनांक 22 फरवरी, 2022 को अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के रूप में मनाया जाना है। इस अवधि के दौरान पूरे देश में कहानी पढ़ो अपनी भाषा में (अपनी भाषा में कहानी पढ़ना) आयोजित की जायेगी।

पठन अभियान हेतु संसाधनों की उपलब्धता

●राज्य द्वारा विद्यालय स्तर पर उपलब्ध करायी गई पुस्तकालय हेतु पुस्तकें, सहज पुस्तिकाएं, पाठ्य पुस्तकें, प्रिंटरिच सामग्री, स्थानीय भाषाओं में उपलब्ध कहानियों आदि।

●दीक्षा पोर्टल, प्रेरणा पोर्टल व एससीईआरटी के वेबसाइट्स आदि पर उपलब्ध विभिन्न संसाधन 

●एनसीईआरटी नेशनल बुक ट्रस्ट (एनबीटी), स्टोरी बीवर (https://storyweaver-org-in), प्रथम बुक्स (https://prathambooks-org). रूम टू रीड क्लाउड (https://literacycloud-org) आदि पर उपलब्ध संसाधन.


अभिलेखीकरण

●जनपद ब्लॉक व विद्यालयों द्वारा गतिविधियों का अभिलेखीकरण किया जायेगा। 100 Days Reading Campaign के लघु वीडियो प्रशंसा पत्र और फोटोग्राफ्स का संकलन किया जायेगा तथा राज्य परियोजना कार्यालय को भी साप्ताहिक रूप से प्रेषित किया जायेगा।

●पठन अभियान के दौरान व अंत में प्रत्येक जनपद द्वारा बेस्ट प्रैक्टिसेज को राज्य परियोजना कार्यालय के साथ साझा किया जायेगा। साथ ही इन्हें जनपद कार्यालय द्वारा विभिन्न समाचार पत्रों, मीडिया चैनलों के माध्यम से प्रकाशित व प्रसारित किया जायेगा।

◆अनुश्रवण 100 Days Reading Campaign के अन्तर्गत आयोजित की जाने वाली साप्ताहिक गतिविधियों का अनुश्रवण राज्य परियोजना कार्यालय से किया जायेगा।

●जनपद एवं विकासखण्ड स्तर पर इस कार्यक्रम के लिये सप्ताहवार निर्धारित बिन्दुओं पर शिक्षकों के सहयोग के लिये आवश्यक सामग्री एवं रणनीति बनायी जायेगी। प्राचार्य, डायट मण्डलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं खण्ड शिक्षा अधिकारी द्वारा यह सुनिश्चित किया जायेगा कि शत-प्रतिशत विद्यालयों शिक्षकों एवं बच्चों की सहभागिता इस अभियान में सुनिश्चित हो।

●एस०आर०जी० ए०आर०पी० एवं शिक्षक संकुल के माध्यम से आयोजित की जाने वाली गतिविधियों पर सतत् चर्चा एवं आवश्यक सहयोग प्रदान करते हुये शिक्षकों एवं अभिभावकों को निरन्तर अभिप्रेरित किया जायेगा।

अतः निर्देशित किया जाता है कि 100 Days Reading Campaign के अन्तर्गत संलग्न रूपरेखा (Grade-wise Activities) के अनुसार सफलतापूर्वक आयोजन सुनिश्चित कराया जाये। साथ ही इस अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु व्यक्तिगत अभिरूचि के साथ ऑनलाइन / आफलाइन अनुश्रवण भी किया जाये तथा साप्ताहिक प्रगति से राज्य परियोजना कार्यालय को भी अवगत कराया जाये।