सेना ने खींचा हाथ, 80 साल पुराने स्कूल पर गहराया संकट


प्रयागराज । 1942 में केंद्रीय आयुध भंडार (सीओडी) छिवकी नैनी में स्थापित ब्वॉयज इंटर कॉलेज पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। अब तक स्कूल का संचालन कर रही सेना के हाथ खींचने के बाद यहां पढ़ने वाले 450 से अधिक बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता पैदा हो गई है। सीओडी छिवकी के लेफ्टिनेंट कर्नल और स्कूल के प्रबंधक ने स्कूल संचालन में असमर्थता जताई है। नौ जुलाई को अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा को पत्र लिखकर स्कूल माध्यमिक शिक्षा विभाग को स्थानान्तरित करने का अनुरोध किया है।


लेफ्टिनेंट कर्नल का कहना है कि सेना मुख्यालय नई दिल्ली ने सीओडी छिवकी को पूर्णतया बंद करने तथा यहां कार्यरत सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को एक मई 2021 से स्थानान्तरण का आदेश दिया है। वर्तमान में सीओडी छिवकी डिपो के बंद होने की प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है। ऐसी स्थिति में विद्यालय का प्रबंधतंत्र स्वत: भंग हो चुका है जिसके कारण विद्यालय का संचालन संभव नहीं है।

कभी आर्मी बैरक में चलती थीं कक्षाएं : 1942 में ब्वॉयज इंटर कॉलेज की स्थापना का मुख्य उद्देश्य डिपो में कार्यरत अशिक्षित कर्मचारियों एवं उनके बच्चों को प्राथमिक शिक्षा देना था। प्रदेश सरकार ने 1951-52 में जूनियर हाईस्कूल की मान्यता मिली। बाद में 1962 में हाईस्कूल और 1977 में इंटर की मान्यता मिली। शुरुआत के तकरीबन 32 सालों तक पढ़ाई-लिखाई सीओडी छिवकी स्थित सरकारी आर्मी बैरकों में होती थी। 1974 में ग्राम धनुहा चाका ब्लॉक में पांच बीघा से अधिक जमीन पट्टे पर ली गई जहां आज तक स्कूल चल रहा है।

अब टिनशेड में हो रही बच्चों की पढ़ाई : हाईकोर्ट ने पांच दिसंबर 2017 को ब्वॉयज इंटर कॉलेज का भवन पुराना और जीर्ण-शीर्ण होने के कारण कभी भी इसके गिरने की आशंका जताई थी। डीएम को छात्र-छात्राओं तथा कर्मचारियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनाने के आदेश दिए थे। जिसके बाद 25 सितंबर 2021 को ग्राम धनुहा चाका ब्लॉक में ली गई जमीन पर पहले से बने पांच कमरों पर टिन की छत तथा कमरों में खिड़की दरवाजे लगवाए गए।

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