निलंबित सहायक अध्यापक ने खंड शिक्षा अधिकारी और बीएसए पर लगाया यह आरोप, अध्यापक ने की प्रेस वार्ता

 

निलंबित सहायक अध्यापक ने  खंड शिक्षा अधिकारी और बीएसए पर लगाया यह आरोप, अध्यापक ने की प्रेस वार्ता
वाराणसी, 24 जुलाई 2022। दिन रविवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दोपहर 1:00 बजे पराड़कर भवन मैदागिन में प्रमोद सिंह फौजी (निलंबित सहायक अध्यापक प्राथमिक विद्यालय कृष्णापुर खुर्द पिंडरा वाराणसी )द्वारा बेसिक शिक्षा में व्याप्त भ्रष्टाचार संबंधी प्रेसवार्ता संपन्न हुआ। इस प्रेस वार्ता में प्रमोद फौजी द्वारा बताया गया कि किस प्रकार बेसिक शिक्षा विभाग में न्याय के सिद्धांतों की धज्जियां उड़ाते हुए किस प्रकार भ्रष्टाचार अपनी पराकाष्ठा को पार कर रहा है निलंबन का रेट तय करने वाले एवं भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाले खंड शिक्षा अधिकारी श्रीमान मंगरु राम जी को नोटिस तक जारी ना करना जबकि प्रमोद फौजी को स्वास्थ्य कारणों एवं  कार्यालयीय कार्यो में व्यवस्तता के कारण तथाकथित सीडीपीओ को ना पहचान पाने के कारण सम्मान में कुर्सी से मात्र ना उठना मेरे नीलंबन का कारण बना और नीलंबन भी इतना जटिल जिसकी जांच साथ7/ 8 महीने से अब तक चल रही है। और वह भी उस परिस्थिति में जबकि महानिदेशक महोदय का सख्त निर्देश है कि एक माह मे दिल निलंबन से संबंधित सभी मामले सुलझा लिया जाए या उनकी जांच पुर्ण ली जाए। अर्थात एक शिक्षक कुर्सी से सम्मान में ना उठ सका तो सालों निलंबित रहे और एक भ्रष्टाचारी उसमें दो लाख मांगे तो भी कोई करवाई नहीं होगा क्या यही न्याय है?बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा मुझे लगातार प्रताड़ित  किया जा रहा है कि जो संक्षेप में निम्न है।1. स्वास्थ्य कारणों में एंव उपरिचित होने कारण सम्मान में कुर्सी से नहीं उठने के बहाने बिना स्पष्टीकरण मांगे निलंबित कर देना।2. साल डेढ़ साल तक निलंबन रखने की बीएसए महोदय से राकेश सिंह जी द्वारा धमकी देना 3. स्कूलों में जबरदस्ती  स्कूलो से (मुझे भी) अपने वेतन से खर्च करने पर मजबूर करना। 4.निलंबन काल में जबरदस्ती चुनाव जैसा संवेदनशील ड्यूटी कराया जाना। 5.आरटीआई के माध्यम से प्रकरण से संबंधित बींसो आवेदनों में से एक का भी जवाब ना देना।6. भ्रष्टाचार की जांच करने वाली समिति द्वारा पक्षपातपूर्ण रवैया महसूस होने पर समिति को भंग करने के निवेदन के बावजूद समिति गठन करता अधिकारी बेसिक महोदय श्री अवध किशोर सिंह जी द्वारा समिति को भंग ना करना।7. स्वयं एडी महोदय द्वारा यह कहा ना कि तुम्हारे गांव तक तुम्हारे बारे में सब पता करवा लिया हूं कहीं ना कहीं यह से चार को दबाने के प्रयास में मुझे धमकी या मुझ पर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है।8. यही नहीं समिति द्वारा भ्रष्टाचार को दबाने के क्रम में मुझे आनन-फानन में एक नोटिस जारी की गई जिसमें कमेटी की एक सदस्य का फर्जी हस्ताक्षर भी किया गया।9. खंड शिक्षा अधिकारी श्रीमान  मंगरु राम जी ने शासन द्वारा स्वीकृत छुट्टी को अपने आदेश से निरस्त किया।इस प्रकार प्रमोद फौजी ने जब तक न्याय नहीं तब तक संघर्ष जारी रहेगा करते हुए यह भी बताया कि शीघ्र ही जिलाधिकारी महोदय विभाग एवं शासन के उच्च अधिकारियों से मिलकर न्याय की गुहार लगाई जाएगी यदि मामले को दबाने का प्रयास किया गया तो सच हम अधिकारियों से अनुमति प्राप्त करके जनपद में विकासखंड वार पदयात्रा के साथ भ्रष्टाचार भारत छोड़ो मुहिम चलाई जाएगी एवं धन्य और क्रमिक आमरण अनशन की भी रूपरेखा बनाई जाएगी।मौके पर वरिष्ठ शिक्षक नेता एवं उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ (टीका जी गुट) के जिला अध्यक्ष श्री अजीत सिंह टीका, जिला मंत्री श्री सुरेश यादव, नगर अध्यक्ष जूनियर शिक्षक संघ श्री बाबूलाल यादव, श्री रमेश सिंह फौजी, श्री मिथिलेश सिंह, श्री अजय जायसवाल, श्री शमशेर सिंह, श्री प्रमोद पटेल, श्री अजीत तेवर, श्री राधेश सिंह, सहित तमाम नगर ब्लॉक शिक्षक मौजूद अन्य शिक्षक श्री शशिकांत, संजू सोनकर, जहिर  अब्बास भी मौजूद रहे।                        भवदीय                  प्रमोद सिंह फौजी

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