करंट की चपेट में आने से मुख्य अध्यापक की मौत, मध्यावकाश के समय हो सकता था बड़ा हादसा


 चांदपुर प्राथमिक विद्यालय मीरापुर मैं करंट की चपेट में आने से मुख्य अध्यापक की मौत हो गई। मुख्य अध्यापक को बचाने पहुंचे सहायक अध्यापक झुलस गये। जिस समय यह हादसा हुआ, उस समय बच्चे अपनी अपनी कक्षाओं में पढ़ रहे थे। ग्रामीणों के अनुसार यदि कौशल कुमार लघुशंका के लिए नहीं जाते, मध्यावकाश में बच्चे कक्षाओं से बाहर निकलते तो हादसा भी हो सकता था। बड़ा






ग्रामीणों में प्रशासन और विद्युत विभाग की लापरवाही को लेकर है खासा रोष है। उनका कहना है कि नियमों को अनदेखा कर स्कूल के भीतर ही हाइटेंशन लाइन के दो खंभे लगा दिए गए। जबकि इस विद्यालय में कक्षा एक से कक्षा पांच तक छोटे छोटे बच्चे पढ़ते हैं।



ऐसे में स्कूल परिसर में नियमानुसार सुरक्षा की दृष्टि से यह खंभे नहीं लग सकते हैं। लेकिन आज तक भी तमाम अधिकारी यहां आए और निरीक्षण करके गए, लेकिन किसी ने भी इस तरफ ध्यान नहीं दिया और विद्युत विभाग भी इस तरफ से उदासीन बना रहा।




  ग्रामीणों की मानें तो मुख्य अध्यापक के साथ हुआ हादसा और भी बड़ा हो सकता था क्योंकि वह अकेले ही लघुशंका के लिए गए थे और आसपास कोई नहीं था। इस हादसे के बाद सभी सचेत हो गए। लेकिन यदि मध्यावकाश में प्रतिदिन की तरह स्कूल के बच्चे अपनी अपनी कक्षाओं से बाहर आकर इस जगह पर एकत्र होते  है। तो बड़ा हादसा हो सकता था।  ग्रामीणों ने तत्काल स्कूल परिसर से इन खंभों को बाहर करने की मांग की सहायक अध्यापक को सीएचसी स्याऊ से मेरठ के लिए रेफर किया गया है। हादसे से गांव में हड़कंप मच गया।



पुलिस में घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए बड़ी संख्या में शिक्षक एकत्र हो गए। पुलिस ने शव को पीएम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है।

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