परिषदीय शिक्षक सजाएंगे रंगोली

वाराणसी में गंगा सेवा निधि की ओर से देव दीपावली महोत्सव अमर वीर योद्धाओं को समर्पित होगा। आध्यात्मिकता और राष्ट्रवाद को समर्पित महोत्सव के साथ ही आकाशदीप का भी समापन होगा। सात नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा पर अमर वीर योद्धाओं को भगीरथ शौर्य सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। एक लाख दीपों से घाट और भवनों का कोना-कोना जगमग होगा।



शनिवार को संस्था के अध्यक्ष सुशांत मिश्र ने बताया कि तीन दशक से देव दीपावली का आयोजन हो रहा है। ‘एक संकल्प गंगा किनारे’ से महोत्सव में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं व पर्यटकों को मां गंगा के तट पर संकल्प दिलाया जाएगा।


शाम 5.20 बजे महोत्सव का शुभारंभ निधि के संस्थापक पं. सत्येंद्र मिश्र को पुष्पांजलि अर्पित कर होगा। प्रो. रेवती साकलकर द्वारा गणपति वंदना व देश-भक्ति गीतों की प्रस्तुति दी जाएगी। 21 ब्राह्मण, 42 कन्या और पांच डमरू दल के सदस्य मां गंगा की महा आरती उतारेंगे। 

पांच घाटों को जगमग करेगा महिला कल्याण विभाग
वाराणसी। देव दीपावली को खास बनाने में अलग-अलग विभागों ने अपनी ताकत झोंक दी है। जिला प्रोबेशन अधिकारी को पांच घाटों की जिम्मेदारी दी गई है। सेक्टर-16 के हनुमान घाट, दंडी घाट, गुलरिया घाट, शिवाला घाट, महानिरवानी घाट पर दीपों की रंगोली सजाई जाएगी। काशी दुर्गोत्सव समिति के सदस्य भी घाटों पर दीप जलाएंगे। 

घाटों पर महापुरुषों को अर्पित होगा देव दीपावली का पहला दीप
भव्य और दिव्य काशी की देव दीपावली इस बार नव्य स्वरूप में देवताओं के साथ ही काशी वासियों के लिए भी अनोखी होगी। इस बार काशी से जुड़े महान सपूतों को पहला दीप अर्पित किया जाएगा। साथ ही घाट, कुंड और सरोवरों पर 21 लाख दीपों की रोशनी की आभा दीप मालिकाओं का स्वर्णिम संसार रचेगी। काशी समेत देश-विदेश की जनता इस अद्भुत पलों की साक्षी बनेगी।  


केंद्रीय देव दीपावली के महासमिति के संरक्षक आलोक पारीख, अध्यक्ष आचार्य वागीश दत्त मिश्रा एवं प्रदीप वर्मा ने बताया कि अस्सी घाट पर महामना, तुलसी घाट पर गोस्वामी तुलसीदास, हरिश्चंद्र घाट पर डोम राजा, सिंधिया घाट पर तैलंग स्वामी और स्वामी विवेकानंद जैसी विभूतियों के चित्र लगाए जाएंगे। महापुरुषों के सामने देव दीपावली का पहला दीप जलाकर महोत्सव का श्रीगणेश होगा।
 
जलेंगे 20 लाख से अधिक दीप

जिला प्रशासन की ओर से 10 लाख दीप और काशी वासियों के सहयोग से 11 लाख दीपक जलाए जाएंगे। अस्सी घाट से सामनेघाट तक 108 स्थानों पर देव दीपावली महोत्सव होगा। काशी के पंचक्रोशी परिक्रमा पथ के तहत ग्रामीण व शहरी इलाकों में 101 स्थानों पर देव दीपावली महोत्सव का आयोजन पहली बार होगा। अमृत महोत्सव में 75 वर्ष पर रंगोली, चित्र, पोस्टर की सजावट होगा।


शिक्षक सजाएंगे रंगोली 
इस साल भी परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाने वाले शिक्षक गंगा पार रेती पर रंगोली के साथ दीपक सजाएंगे। शनिवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. अरविंद पाठक ने गंगा पार रेती में साफ-सफाई के साथ अन्य तैयारियों का जायजा लिया। बेसिक शिक्षा विभाग को साढ़े तीन लाख दीपों को सजाने की जिम्मेदारी मिली है। बाढ़ के पानी के कारण गंगा पार हालात सुधरे नहीं हैं। दलदल के कारण शिक्षकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।