अफसरों की तकरार में फिर फंसा चार हजार शिक्षकों का वेतन

संभल। लेखाधिकारी और खंड शिक्षा अधिकारियों की तकरार में जिले के चार हजार शिक्षकों का वेतन एक बार फिर फंस गया है। एक हस्ताक्षर के चलते दिसंबर माह का भी वेतन शिक्षकों समेत शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को भी नहीं मिला है। इसके चलते उनके सामने कई तरह की दिक्कत आने लगी हैं। लेखाधिकारी बिल पर दोबारा से खंड शिक्षा अधिकारियों से हस्ताक्षर करने की बात कह रहे हैं तो जिले के खंड शिक्षा अधिकारी संशोधन के बाद पारित बिल पर शासनादेश का हवाला देकर हस्ताक्षर करने से इन्कार कर रहे हैं। यह तकरार पिछले दो माह से चली आ रही है, लेकिन अधिकारी इस समस्या का समाधान नहीं कर पा रहे हैं। 





पिछले माह भी वेतन जिलाधिकारी के निर्देश पर कई दिनों बाद मिला था। यह तकरार इस माह फिर शुरू हो गई है। पिछले माह जिलाधिकारी के निर्देश पर खंड शिक्षा अधिकारियों ने हस्ताक्षर कर दिए थे, लेकिन इस बार खंड शिक्षा अधिकारियों ने हस्ताक्षर करने से मना दिया। इसी के चलते शिक्षकों का वेतन एक बार फिर अधिकारियों की खींचतान में फंस गया है। लेखाधिकारी बिना 
पोर्टल के माध्यम से शिक्षकों की उपस्थिति लेखाधिकारी के पास पहुंच जाती है। 


अगर किसी शिक्षक के वेतन में कोई संशोधन करना होता है तो संबंधित ब्लाक के खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा आफलाइन माध्यम से लेखाधिकारी के पास वेतन संशोधन भेजा जाता है। फाइनल बिल तैयार करने के बाद लेखाधिकारी पिछले माह तक बिल संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को भेज देते थे। खंड शिक्षा अधिकारी बिल को देखने के बाद अपने हस्ताक्षर करते थे और वापस भेज देते थे। 


इसके बाद सभी शिक्षकों का वेतन भुगतान किया जाता था, लेकिन पिछले माह खंड शिक्षा अधिकारियों ने इसे शासनादेश का हवाला देते हुए नियम विरुद्ध बताकर हस्ताक्षर करने से इन्कार कर दिया था। हस्ताक्षर से वेतन देने के लिए तैयार नहीं है और खंड शिक्षा अधिकारी हस्ताक्षर नहीं कर रहे हैं। इसी के चलते 11 जनवरी तक भी जिले के लगभग चार हजार शिक्षक और बेसिक शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला है।