1 अप्रैल से होगी मकानों की गणना
जनगणना की तैयारियां तेज: मकानों की गिनती के लिए 18 भाषाओं में 32 लाख निर्देश पुस्तिकाएं तैयार
नई दिल्ली। देश में आज़ादी के बाद होने वाली आठवीं जनगणना को लेकर तैयारियां तेज़ हो गई हैं। जनगणना के पहले चरण में मकानों की गिनती के लिए 18 भाषाओं में करीब 32 लाख से अधिक निर्देश पुस्तिकाएं तैयार की जाएंगी। इन पुस्तिकाओं में मकानों के सूचीकरण की प्रक्रिया, नियम और कार्य-पद्धति को सरल भाषा में समझाया जाएगा।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, ये निर्देश पुस्तिकाएं देशभर में 30 लाख से अधिक जनगणना कर्मियों को वितरित की जाएंगी। इसमें जनगणना करने वाले कर्मचारियों की भूमिका, अधिकार और कानूनी पहलुओं की जानकारी भी शामिल होगी, ताकि घर-घर जाकर आंकड़े जुटाने में किसी तरह की कठिनाई न हो।
अप्रैल से शुरू होगा पहला चरण
जनगणना का पहला चरण एक अप्रैल से शुरू होगा, जिसमें मकानों की गिनती के साथ-साथ आवास में रहने वाले लोगों की मूल जानकारी एकत्र की जाएगी। इस चरण में हर भवन का जियो-टैगिंग भी की जाएगी, चाहे वह भवन बंद हो या खाली।
डिजिटल सिस्टम से होगी रियल-टाइम निगरानी
जनगणना 2027 के लिए एक सशक्त मैनेजमेंट एंड मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया गया है, जिससे कार्यों की वास्तविक समय में निगरानी की जा सकेगी। इससे आंकड़ों की सटीकता और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
दूसरे चरण में आबादी की गणना
पहले चरण के बाद फरवरी 2027 में दूसरे चरण के तहत देश की जनसंख्या की विस्तृत गणना की जाएगी। निर्देश पुस्तिकाएं हिंदी, अंग्रेज़ी सहित बंगाली, तमिल, तेलुगु, उर्दू, गुजराती, मराठी, कन्नड़, मलयालम, पंजाबी समेत 18 भाषाओं में उपलब्ध होंगी।
प्रशासन का मानना है कि विस्तृत तैयारी और बहुभाषी मार्गदर्शन से जनगणना प्रक्रिया सुचारु, तेज़ और अधिक भरोसेमंद होगी।

