16 January 2026

फिर बनेगी नियमावली बीईओ भर्ती में अभी समय

 

बेसिक शिक्षा विभाग में खंड शिक्षा शिक्षाधिकारियों (बीईओ) की भर्ती नियमावली नए सिरे से बनाई जाएगी। शिक्षा निदेशालय ने नियमावली में संशोधन का प्रस्ताव भेजा था जिस पर शासन ने संशोधन की बजाय नए सिरे से नियमावली बनाने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में अभ्यर्थियों का बीईओ भर्ती का इंतजार थोड़ा समय और बढ़ना तय है।




पिछले साल बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से जारी उत्तर प्रदेश शैक्षिक (सामान्य शिक्षा संवर्ग) सेवा संशोधित नियमावली 1992 में बीईओ भर्ती के लिए शैक्षिक योग्यता से समकक्षता शब्द को हटा दिया गया था। पहले नियमावली में किसी विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर उपाधि या समकक्ष मान्यता प्राप्त उपाधिधारक अभ्यर्थी आवेदन के लिए अर्ह थे। संशोधन के बाद किसी विश्वविद्यालय, मानित विश्वविद्यालय या संस्था से स्नातकोत्तर उपाधिधारक अभ्यर्थी को ही आवेदन के योग्य माना गया था।


यही नहीं अधिमानी अर्हता से भी

एलटी डिप्लोमा को हटा दिया गया था। पहले शिक्षा विभाग का एलटी डिप्लोमा, बीटीसी, बीएड या किसी विश्वविद्यालय की कोई समकक्ष उपाधि को मान्य किया गया था। हालांकि संशोधित नियमावली में अन्य बातों के समान होने पर सीधी भर्ती के मामले में ऐसे अभ्यर्थी को अधिमान दिया जाएगा, जिसने एनसीटीई से मान्यता प्राप्त संस्था से शिक्षा स्नातक (बीएड) की उपाधि प्राप्त की हो। पिछले दिनों इसी नियमावली में एक


और संशोधन करते हुए भर्ती का स्रोत 100 प्रतिशत पदों पर सीधी भर्ती करने का प्रस्ताव भेजा गया था। पूर्व में 80 प्रतिशत पद उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग से सीधी भर्ती से भरने का प्रावधान था जबकि 10 प्रतिशत पदों पर प्रधानाध्यापकों की पदोन्नति और 10 प्रतिशत पदों पर प्रसार अध्यापकों और शिल्प अध्यापकों की पदोन्नति होती थी। हालांकि शासन ने संशोधन की बजाय नए सिरे से नियमावली बनाने के निर्देश दिए है.



वर्तमान में बीईओ के 140 से अधिक पद खाली

बेसिक शिक्षा विभाग में खंड शिक्षाधिकारियों के वर्तमान में 140 से अधिक पद खाली है। वैसे अपर शिक्षा निदेशक (बेसिक) कामता राम पाल ने 12 जनवरी को सभी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक (माध्यमिक), मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) और बेसिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर उप निरीक्षक (संस्कृत), उप निरीक्षक (उर्दू) एवं खंड शिक्षा अधिकारियों के स्वीकृत, कार्यरत एवं रिक्त पदों की सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। वैसे दिसंबर 2026 तक 40 से अधिक बीईओ के सेवानिवृत्त होने से रिक्त पदों की संख्या और बढ़ेगी है। इससे पहले आयोग ने 2019 में बीईओ के 309 पदों पर भर्ती निकाली थी जिसमें पांच लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था।