कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने ईपीएस पेंशनधारकों के लिए एक बड़ी राहत भरी पहल की है। अब पेंशनरों को हर साल जीवन प्रमाण पत्र बनवाने के लिए न तो बैंक जाना पड़ेगा और न ही ईपीएफओ कार्यालय के चक्कर लगाने होंगे। ईपीएफओ ने इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के सहयोग से मुफ्त डोरस्टेप डीएलसी सेवा शुरू की है, जिसके तहत पोस्टमैन या डाकसेवक खुद पेंशनर के घर जाकर जीवन प्रमाण तैयार करेंगे। यह सुविधा बुजुर्ग, बीमार और ग्रामीण इलाकों में रहने वालों के लिए उपयोगी साबित होगी।
पोस्टमैन तय समय पर पेंशनर के घर पहुंचेंगे। वे पेंशन पेमेंट ऑर्डर और आधार से जुड़ी जानकारी का सत्यापन करने के बाद फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र तैयार करेंगे। अगर किसी कारण से फेस ऑथेंटिकेशन सफल नहीं होता है, तो बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट के जरिए प्रक्रिया पूरी की जाएगी। जीवन प्रमाणपत्र बनते ही पेंशनर के मोबाइल पर एसएमएस आएगा और प्रमाण पत्र जीवनप्रमाण पोर्टल पर अपलोड हो जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया के लिए पेंशनर से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
सीजीएचएस में मेडिक्लेम आयुष-बीमा पालिसी शुरू
नई दिल्ली। सरकार ने केंद्रीय कर्मियों एवं पेंशनधारकों की स्वाथ्य सेवा योजना (सीजीएचएस) के लाभार्थियों के लिए एक परिपूर्ण मेडिक्लेम आयुष बीमा शुरू करने की घोषणा की है। यह योजना कैशलेस सुविधा, आधुनिक उपचार और अस्पतालों के एक बड़े नेटवर्क के साथ दी जा रही है। प्रति पॉलिसी अधिकतम छह सदस्य हो सकते हैं।
यह देश में इंडेम्निटी-आधारित इन-पेशेंट हॉस्पिटलाइ जेशन कवरेज प्रदान करती है जिसमें 10 लाख या 20 लाख रुपये तक के बीमा राशि के विकल्प हैं। इस योजना में को-पेमेंट कंपोनेंट होगा जिसमें लाभार्थी और बीमा कंपनी के बीच 70:30 या 50:50 के आधार पर भुगतान की व्यवस्था भी शामिल होगी।
लंबित मामलों के निपटारे पर फोकस
ईपीएफओ ने सभी क्षेत्रीय कार्यालयों को निर्देश दिए हैं कि पांच साल से अधिक समय से लंबित जीवन प्रमाणपत्र मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। इसके बाद दो से पांच साल पुराने मामलों की जांच होगी। संगठन का लक्ष्य मार्च 2026 तक सभी लंबित जीवन प्रमाण मामलों का निपटान करना है। यदि सत्यापन के दौरान किसी पेंशनर की मृत्यु की जानकारी मिलती है, तो डाकसेवक तत्काल रिपोर्ट करेंगे, ताकि संबंधित पीपीओ बंद किया जा सके या पात्र उत्तराधिकारी को समय पर लाभ मिल सके।
आत्मनिर्भरता को बढ़ावा
ईपीएफओ ने स्मार्टफोन वाले पेंशनरों को जीवनप्रमाण या उमंग ऐप से खुद जीवन प्रमाणपत्र बनाने की सलाह दी है। 2020 से चल रही यह योजना अब मुफ्त हो गई है। इससे लाखों पेंशनर्स को आसानी होगी और पेंशन में कोई रुकावट नहीं आएगी। ईपीएफओ का यह प्रयास डिजिटल इंडिया को मजबूत बनाते हुए बुजुर्गों की चिंता कम कर रहा है।
जीवन सुगमता बढ़ेगी
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल पेंशनरों के लिए जीवन सुगमता को नई मजबूती देती है। इससे न केवल बुजुर्गों की भागदौड़ कम होगी, बल्कि पेंशन भुगतान में रुकावट की आशंका भी खत्म होगी। डिजिटल इंडिया के लक्ष्य के अनुरूप यह पहल पेंशनर्स को सम्मानजनक और सुविधाजनक तरीके से अपनी पेंशन जारी रखने में मदद करेगी।

