08 January 2026

उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायतों में बनेगा आधार, आया आधार केंद्रों का पायलट प्रोजेक्ट

 ग्रामीणों को आधार सेवाओं के लिए अब ब्लॉक मुख्यालयों और शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उत्तर प्रदेश सरकार ने आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए ग्राम पंचायत स्तर पर ही आधार सेवाएं उपलब्ध कराने की पहल शुरू कर दी है। इसके तहत प्रदेश की 1000 ग्राम पंचायतों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में आधार सेवा केंद्रों की स्थापना का कार्य आरंभ कर दिया गया है।



हर ग्राम सचिवालय में बनेगा आधार सेवा केंद्र

पंचायती राज निदेशक अमित कुमार सिंह ने बताया कि प्रत्येक ग्राम पंचायत के ग्राम सचिवालय में आधार सेवा केंद्र स्थापित किया जाएगा। इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को नया आधार बनवाने, आधार में नाम, पता, मोबाइल नंबर अपडेट कराने और आधार प्रमाणीकरण जैसी सुविधाएं एक ही स्थान पर मिल सकेंगी। इसके लिए ग्राम सचिवालयों में आवश्यक उपकरण लगाए जा रहे हैं।



ग्राम पंचायत सहायकों को मिलेगा संचालन का दायित्व

इन आधार सेवा केंद्रों का संचालन ग्राम पंचायत सहायकों द्वारा किया जाएगा। इससे न केवल गांव में ही सेवाएं उपलब्ध होंगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और जिम्मेदारी को भी बढ़ावा मिलेगा। योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए यूआईडीएआई (UIDAI) ने पंचायती राज विभाग को रजिस्ट्रार आईडी और इंपैनलमेंट एजेंसी (ईए) आईडी जारी कर दी है, जिससे आधार सेवाओं का संचालन पूरी तरह अधिकृत और पारदर्शी तरीके से हो सकेगा।



आधार से जुड़ी समस्याओं का होगा समाधान

इस नई व्यवस्था से आधार नामांकन, अपडेट और प्रमाणीकरण से जुड़ी परेशानियां काफी हद तक दूर हो जाएंगी। ग्रामीणों का सीधा जुड़ाव सरकारी योजनाओं से सुनिश्चित होगा और लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ लेने में होने वाली दिक्कतें कम होंगी।


पायलट प्रोजेक्ट के बाद पूरे प्रदेश में होगा विस्तार

पंचायती राज विभाग के अनुसार, यदि यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है तो इसे चरणबद्ध तरीके से प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में लागू किया जाएगा। इससे गांव-गांव डिजिटल सेवाओं की पहुंच मजबूत होगी और शासन की “गांव-गांव विकास” की सोच को साकार किया जा सकेगा।



डिजिटल सशक्तिकरण की ओर मजबूत कदम

अमित कुमार सिंह ने कहा कि यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सशक्तिकरण को नई मजबूती देगी। आधार सेवा केंद्र शुरू होने के बाद ग्रामीणों को ग्राम सचिवालय में ही आधार से जुड़ी सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे समय और धन दोनों की बचत होगी।