08 January 2026

कैंसर, लकवा रोगी और दिव्यांग शिक्षिकाओं का भी समायोजन, प्रधानाध्यापक और शिक्षकों के समायोजन में भारी अनियमितताएं

 

लखनऊ,   प्राइमरी स्कूल के प्रधानाध्यापक और शिक्षकों के समायोजन में भारी अनियमितताएं सामने आयी हैं। अधिकारियों ने एक ओर शिक्षिकाओं का 40 किलोमीटर दूर के स्कूल में समायोजन किया हैं। वहीं दूसरी ओर कैंसर, दिल व लकवा रोग से पीड़ित और दो अन्य दिव्यांग शिक्षिकाओं का दूसरे ब्लॉक व जोन के स्कूलों में समायोजन कर दिया है। इनके घर से नए स्कूल की दूरी 25 से 40 किमी हो गई।



इन शिक्षिकाओं ने बीएसए समेत डीएम व सीडीओ को भेजे शिकायत पत्र में समायोजन निरस्त कर पुराने स्कूल में तैनाती दिये जाने का आग्रह किया है। बीएसए ने नगर व ग्रामीण क्षेत्र के एकल व शून्य शिक्षक वाले स्कूलों में शिक्षकों का समायोजन किया है। मोहनलालगंज के खुजेहटा प्राइमरी स्कूल में तैनात कैंसर पीड़ित दिव्यांग शिक्षिका जुलाई 2018 से तैनात है। शिक्षिका का गोमतीनगर के एक निजी अस्पताल में कैंसर का इलाज चल रहा है। अधिकारियों को शिक्षिका के असाध्य रोग से पीड़ित होने की जानकारी है। इसके बावजूद गोसाईगंज के विद्यालय में समयोजन कर दिया है। वहीं बीकेटी में बाईपास सर्जरी करा चुकी शिक्षिका का 25 किमी. दूर माल के स्कूल में समायोजन कर दिया है। काकोरी में लकवा से ग्रस्त प्रधानाध्यापिका बिना किसी के सहारे के चल नहीं सकती हैं। साथ ही सरोजनीनगर के दो स्कूलों की दिव्यांग शिक्षिकाओं का समायोजन हुआ है। इसके अलावा आधा दर्जन शिक्षकों के सेवानिृत्त के दो वर्ष से कम समय बचा है। फिर भी इनका समायोजन कर दिया है। 50 से अधिक शिक्षिकों ने बुधवार को बीएसए कार्यालय व बीईओ के यहां समायोजन में हुई खामियों की शिकायत दर्ज करायी। प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन के प्रान्तीय अध्यक्ष विनय सिंह का कहना है कि शिक्षकों से बिना विकल्प लिये समायोजन नियम विरुद्ध किये गए हैं। समायोजन से पहले विद्यालयों में अधिक शिक्षकों की सूची जारी नहीं की है।