प्रयागराज। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) 2022 भर्ती के 3539 पदों के लिए लिखित परीक्षा 3 और 4 जून को दो-दो पालियों में आयोजित की जाएगी। परीक्षा की निगरानी एआई आधारित एकीकृत नियंत्रण कमांड कक्ष से की जाएगी। शिक्षा चयन आयोग और एसटीएफ की टीमें परीक्षा को लेकर पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं। सूत्रों के मुताबिक, परीक्षा से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों, केंद्र व्यवस्थापकों सहित संदिग्धों के मोबाइल नंबरों को एसटीएफ ने सर्विलांस पर लिया है।
शांतिपूर्ण परीक्षा कराने को लेकर एसटीएफ की टीमें सक्रिय हो गई हैं। चर्चा है कि संदिग्ध सॉल्वर गैंग के कुछ सदस्यों को रडार पर लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है। हालांकि, इसकी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हो सकी है। करीब चार वर्ष बाद आयोजित हो रही टीजीटी 2022 परीक्षा में 8,68,531 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। परीक्षा के लिए प्रयागराज समेत प्रदेश के 36 जिलों में 614 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। आयोग ने 23 मई को ही अपनी वेबसाइट पर परीक्षा केंद्रों की जानकारी अपलोड कर दी थी। अभ्यर्थी 30 मई से अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकेंगे। पूर्व डीजीपी प्रशांत कुमार के अध्यक्ष बनने के बाद आयोग असिस्टेंट प्रोफेसर और पीजीटी भर्ती परीक्षाएं सफलतापूर्वक संपन्न करा चुका है। उनका कहना है कि इन परीक्षाओं में किसी प्रकार की गड़बड़ी की शिकायत सामने नहीं आई। हालांकि मेरठ में एक दिव्यांग अभ्यर्थी को कथित रूप से मोबाइल छिपाकर नकल का प्रयास करते हुए गिरफ्तार किया गया था।
ओएमआर की कक्ष में नहीं होगी स्कैनिंग आयोग के सूत्रों के अनुसार, मई में आयोजित पीजीटी परीक्षा में तकनीकी नवाचार और पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से पायलट प्रोजेक्ट के तहत लखनऊ के कुछ चयनित केंद्रों पर परीक्षा समाप्त होते ही अभ्यर्थियों की ओएमआर उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैनिंग परीक्षा कक्ष में ही कराई गई थी। यह प्रक्रिया अभ्यर्थियों की मौजूदगी में पूरी हुई थी और स्कैन डाटा को तत्काल सुरक्षित भी किया गया था। पूरी व्यवस्था की निगरानी एआई एकीकृत नियंत्रण कमांड कक्ष से की गई थी। हालांकि टीजीटी परीक्षा में फिलहाल इस व्यवस्था को लागू नहीं किया जाएगा। आयोग के जिम्मेदार अधिकारियों ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि भविष्य की परीक्षाओं में इस तकनीक को व्यापक स्तर पर लागू करने का प्रयास किया जाएगा।

