29 May 2026

मूल्यांकन में गड़बड़ी के दोषी नपेंगे:प्रधान


नई दिल्ली,  केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सीबीएसई की ऑनलाइन मूल्यांकन प्रक्रिया में हुई गड़बड़ी की जिम्मेदारी ली। उन्होंने कहा कि जिसकी वजह से छात्र प्रभावित हुए हैं उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। गुरुवार को सीबीएसई मुख्यालय में अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक के दौरान उन्होंने ये बात कही।



प्रधान के नेतृत्व में सीबीएसई 12वीं कक्षा की परीक्षाओं के मूल्यांकन तथा परिणाम के बाद की प्रक्रियाओं से जुड़े मुद्दों की समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कहीं कोई गड़बड़ी हुई है तो सरकार की तरफ से मेरी जिम्मेदारी है। छात्रों का हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी स्तर पर त्रुटि पाई जाती है तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई होगी।


शिक्षा मंत्रालय पूरे घटनाक्रम की निगरानी कर रहा। प्रधान ने अफसरों को निर्देश दिया कि छात्रों की समस्याओं का समयबद्ध, पारदर्शी और छात्र हितैषी तरीके से समाधान सुनिश्चित किया जाए। सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही और छात्र-केंद्रित परीक्षा प्रणाली के प्रति पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। छात्रों और अभिभावकों की चिंताओं का प्रभावी और त्वरित समाधान किया जाएगा। परिणाम के बाद उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए छात्र सहायता प्रणाली को मजबूत करने, मूल्यांकन एवं निगरानी व्यवस्था में सुधार, डिजिटल प्लेटफॉर्म को सुदृढ़ बनाने तथा परीक्षा संबंधी सेवाओं को सुलभ बनाने पर विशेष जोर दिया।


मंत्री ने पोस्ट-एग्जामिनेशन सेवा पोर्टल पर लॉगिन संबंधी समस्याओं, सर्वर पर अत्यधिक दबाव तथा भुगतान से जुड़ी कठिनाइयों की रिपोर्टों का भी संज्ञान लिया। पोर्टल की स्थिरता, सर्वर क्षमता, लॉगिन प्रबंधन और भुगतान गेटवे के एकीकरण की समीक्षा के लिए आईआईटी मद्रास के प्रोफेसरों और डिजिटल प्रणाली विशेषज्ञों की एक तकनीकी विशेषज्ञ टीम गठित की गई है, ताकि छात्रों को निर्बाध सेवा मिल सके। बैठक में स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव संजय कुमार, सीबीएसई अध्यक्ष राहुल सिंह, आईआईटी मद्रास के निदेशक प्रोफेसर वी कामकोटी, आईआईटी कानपुर के निदेशक, शिक्षा मंत्रालय एवं केंद्रीय विद्यालय संगठन के वरिष्ठ अधिकारी तथा स्टेट बैंक, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा व केनरा बैंक सहित सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रतिनिधि रहे।