29 May 2026

वाह रे सीबीएसई, दिए 53 अंक, रिजल्ट में चढ़ाए 57

 

मुरादाबाद। 12वीं के परिणाम को लेकर सीबीएसई की साख दांव पर लगी है। खराब व्यवस्था की वजह से विद्यार्थियों के अंकों में हेरफेर किया गया है। बोर्ड की ओर से उपलब्ध करवाई गई उत्तर पुस्तिका की जांच के बाद एक छात्रा को राजनीति विज्ञान में 53 अंक दिए हैं, जबकि परिणाम में 57 अंक हैं। छात्रा का आरोप है कि कई सही उत्तर लिखने के बाद उसमें अंक ही नहीं दिए हैं।

उत्तर पुस्तिका ब्लर और क्रॉप अपलोड की गई है। इसकी वजह से वह मेरिट में आने से चूक गई। वहीं दूसरी छात्रा का आरोप है कि कई सही सवालों के जवाब पर शून्य अंक देने की वजह से उसकी मेरिट कम हो गई है।

बुद्धि विहार निवासी आर्यंस इंटरनेशनल स्कूल की 12वीं की छात्रा अपूर्वा त्रिपाठी के इस गलती के साथ 94.4 फीसदी अंक आए हैं। छात्रा का दावा है कि मेरे हिसाब से इस विषय में कम से कम 97 से सौ के बीच में अंक आने चाहिए थे। अभी के अंकों के साथ मैं स्कूल में दूसरे नंबर पर हूं। उन्होंने बताया कि आंसर शीट में 80 में से 53 अंक लिखे हैं, जबकि परिणाम में 57 अंक चढ़े हुए हैं। अन्य विषयों में इतिहास, भूगोल और अर्थशास्त्र में 99 अंक आए हैं। अंग्रेजी में 98 अंक आए हैं। उन्होंने कहा कि 20 अंक के प्रैक्टिकल को मिलाकर राजनीति विज्ञान में 77 अंक आए हैं। दो अन्य शिक्षकों से स्कैन उत्तर पुस्तिका चेक करवाई तो पता चला कि एक सवाल का जवाब सिर्फ यूएसा था। वही मैंने लिखा है, लेकिन उसमें अंक नहीं दिए हैं। यह एक अंक का था। इसी प्रकार छह अंक वाले सवालों में .5 या एक अंक दिया है, जबकि जवाब पूरे-पूरे ठीक हैं। एक सवाल दो अंक का था, मार्किंग स्कीम के हिसाब से उत्तर सही था लेकिन उसमें शून्य अंक दिया।

 आपत्ति भेजने के लिए अभी तक आधिकारिक रूप से वेबसाइट चालू नहीं हुई है। यदि मुझे सही से अंक दिए जाते तो मैं मंडल टॉपर, प्रदेश या देश की रैंक आ सकती है। मेरा परिणाम 99 फीसदी तक जा सकता है। उत्तर पुस्तिका ब्लर है। इतिहास और अर्थशास्त्र की भी कॉपी देखने के लिए आवेदन किया है। इतिहास की बहुत ज्यादा ब्लर था। इस परिणाम ने मुझे सम्मान से भी वंचित कर दिया है। -अपूर्वा त्रिपाठी, छात्रा आर्यंस इंटरनेशनल स्कूल

सीबीएसई बोर्ड 12वीं की परीक्षा में ऑनस्क्रीन मार्किंग की वजह से राजनीति विज्ञान में मेरे 95 अंक आए हैं और 5 अंक के सवालों में शून्य दिया है, जबकि वह सही हैं। इसके बाद मेरे पूरे 100 अंक आते। भूगोल में मैप आधा स्कैन है, जिसके कारण पूरे अंक नहीं मिल पाए। मुझे टोटल 98-99 फीसदी की उम्मीद थी, लेकिन ऑनस्क्रीन मार्किंग की वजह से 96.6 फीसदी आए हैं। -न्यासा सिंह, छात्रा, शिरडी साईं पब्लिक स्कूल

अभी तो बच्चों को आंसर सीट मिली है। बच्चे उसे देख रहे हैं। मेरे पास अभी एक-दो अंक वाली समस्याएं ही आई हैं। ज्यादा अंतर के मामले सामने नहीं आए हैं। हालांकि मुझे सभी बच्चों से फीड बैक नहीं मिला है। लेकिन अंकों का अंतर ज्यादा है तो परिणाम को लेकर परेशानी वाली बात तो है। क्योंकि कहीं दाखिला लेना है तो यह परिणाम बच्चों को दिखाना होगा। ऑनलाइन मूल्यांकन का हमने शिक्षकों से अभ्यास करवाया था। सर्वर की क्या परेशानी थी, वह सीबीएसई ही जानता है। यदि यह व्यवस्था एक साल के अभ्यास के बाद लागू होती तो जोखिम कम रहता। -सविता सिंह, सिटी कोऑर्डिनेटर सीबीएसई